संदेश

चलते इंटरव्यू में जब उज्जैन के कालभैरव भक्त में पधारे..

पंडोखर सरकार के श्री गुरुशरण जी ने भक्तों की व्यथा सुनी...

अब लोग विकल्प तलाशने लगे है..

मजबूरी का दोहन नही तो फिर क्या है!

सावधान।शक्तियों के धाम क्या दुकान बननी चाहिए!

फायरिंग बन्द कीजिये प्लीज।

करौली सरकार भक्ति का धाम है...

प्लीज मेरी हेल्प करो...भगवान से तो डरो

अब लोग खुद बोलने लगे है....

सावधान।पाखंडी कैसे लूटते है!

सीधी बात..पंडोखर दरबार के श्री गुरुशरण जी के साथ..

पंडोखर दरबार और करौली सरकार के बीच तनातनी क्यों है!

कोरोना को कर्मवीर सेवा योद्धाओं का जवाब।