न पंडित ने छोड़ा-न मौलाना ने छोड़ा
लाखों रुपये बरबाद कर चुके हैदराबाद के एक युवक की दर्द भरी कहानी उसकी ही जुबानी..किस तरह मजबूरी का गलत लाभ लेते है लोग!
अपनी शक्तियों से मानसिक रूप से डराते है लोग और अपने बैंक खाते में पैसा डालने के लिए मजबूर करते है लोग!
हर अमावस्या से कुछ दिन पहले Haridwar से एक फोन किस तरह परेशान कर देता था!
पंडोखर दरबार मे जाने के बाद मन को राहत मिल रही है.....
सावधान!अच्छे लोग कम पर पाखंडी ज्यादा है इसलिए कही जाने से पहले हजार बार सचिये नहीं तो ये ठग आपकी परेशानी को और बढ़ा देंगे ..
इन लिंक को क्लिक करके सुनिये आपबीती एक कहानी उसकी ही जुबानी..
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