शक्तियों के दरबारों के प्रमुखों के बीच चली तकरार व उसके बाद हमारी सद्भावना की अपील के वीडियो जाने के बाद जिस तरह से जनता की प्रतिक्रिया निरन्तर आ रही है और हम उनकी आवाज को सार्वजनिक रूप से यू ट्यूब पर प्रसारित कर रहे है इससे यह पता चलता है कि आस्था की अपेक्षा कितनी बड़ी है और इन दरबारों से समाधान कितना मिल पाता है!
कितने लोग खुश और संतुष्ठ है!
कितने लोग अपने साथ हुआ एक धोखा समझते है!
जन सेवा के ये धाम वास्तविक रूप से सेवा के धाम है या धन कमाने के साधन है!
आंख खोलने के लिए पर्याप्त है जनता की आवाज।
इन सबके बीच एक सकारात्मक दृश्य निश्चित रूप से स्वागतयोग्य है कि पंडोखर दरबार के प्रमुख श्री गुरुशरण जी महाराज का हमारे समस्त वीडियो का गंभीर आंकलन करना व उनके लिए भक्तों की शिकायत को सुन कर हमे फोन के माध्यम से न सिर्फ अपनी बात कहते हुए शिकायतो का समाधान करना व इस मुहिम को निरन्तर रखने के लिए हमे उत्साहित करना।
प्रशंसा सुननी सबको अच्छी लगती है पर बड़ी बात तो तब है जब कोई आलोचना, शिकायत सुनने के बाद उसका समाधान करने के लिए आये।
पंडोखर सरकार के प्रमुख ने हमारी इस मुहिम में दो बहिनों (दिल्ली-अमेरिका) से बात करके उनकी जिज्ञासा को समाधित किया इसके लिए हम उनका आभार ज्ञापित करते है।
हमारा मकसद सिर्फ इतना है कि दुखी लोग बड़ी श्रद्धा व भरोसे के साथ आपके पास आते है आप सेवा की भावना के साथ कार्य कीजिये--दुखी आदमी को और अधिक दुखी मत कीजिये कि उसकी आत्मा से आपके लिए बद्दुआ निकलने लग जाए।
पंडोखर सरकार के प्रमुख श्री गुरुशरण जी महाराज की इस विनम्रता का हम स्वागत करते है और उनके इस संदेश को आप तक पहुंचा रहे है....आप गौर से पूरा सुनिये क्योकि इस वीडियो में कुछ रहस्यात्मक गहरे अर्थ है जो बहुत उपयोगी हो सकते है।
इस लिंक को क्लिक करके वीडियों को पूरा सुनिये...
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