क्या कंगना रनौत सियासत में आ रही है


क्या कंगना की सियासी पारी का आगाज होगा।
अब पहाड़ का पारा भी होगा गर्म
हिमाचल में चुनावी मौसम
फर्स्ट न्यूज(संजय सनम)

12 नवंबर को हिमाचल की 68 सीटों पर होगा मतदान और 8 दिसंबर को आयेगे परिणाम..
विधानसभा की 68 सीटों वाले इस पहाड़ी प्रदेश में अब चुनावी पारा गर्म हो रहा है।
भाजपा  अपनी पिछली विजय को दोहराने के उत्साह में तेज गति से निर्णय ले रही है लेकिन कांग्रेस की अब तक की चाल को देखकर ऐसा लगता है कि कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश के नेताओं के बीच  रणनीतिक समन्वय नही हो पाया है।
सोशल मीडिया की अब तक की खबर यह बता रही है कि  कांग्रेस के स्थानीय नेता टिकट की जुगाड में दिल्ली बैठे है और दिल्ली के नेता हिमाचल का सरसरी रूप से चुनावी मुड़ भांप रहे है।
कांग्रेस की रणनीति की चाल यह जता रही है कि कांग्रेस कोई बड़ी टक्कर की मानसिकता में भी नहीं लग रही..कही न कहीं टिकटों के द्वंद में आपसी खींचतान का डर भी प्रभावी कहा जा सकता है।
इधर भाजपा अपनी पहले से ही मजबूत पिच पर काफी तेज और आक्रामक नजर आ रही है...शायद इसलिए प्रधानमंत्री मोदी जी,गृहमंत्री अमित शाह जी की सभा और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी,भाजपा अध्यक्ष नड्डा जी,अनुराग ठाकुर जी जैसे कद्दावर नेताओं ने पूरी शक्ति लगा दी है।
हिमाचल प्रदेश के पिछले चुनाव परिणाम की बात करे  तो 2017 के 
चुनाव में कुल 68 सीटों में से बीजेपी ने 44 सीटें हासिल कर प्रचंड बहुमत से सरकार बनाई थी। 
हालांकि तब बीजेपी के सीएम पद के उम्मीदवार रहे प्रेम कुमार धूमल अपनी ही सीट हार गए थे।
हिमाचल प्रदेश के पिछले चुनाव में कांग्रेस को 21 सीटें मिली थीं। 2017 के बाद से राज्य में सियासी स्थितियां काफी बदली हैं। ऐसे में इस बार का चुनाव और दिलचस्प होने वाला है।
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में मौजूदा समय में भाजपा की सरकार है। ऐसे में बीजेपी इस चुनाव को जीतने की पूरी कोशिश में हैं।
 राज्य में मौजूदा सरकार का कार्यकाल 8 जनवरी 2023 को समाप्त हो रहा है।
हिमाचल प्रदेश में 53 लाख 76 हजार 77 रजिस्टर्ड वोटर्स हैं। राज्य के पिछले विधानसभा चुनाव में 75.28 प्रतिशत लोगों ने वोट डाला था।
हिमाचल प्रदेश की जनता का वोट प्रतिशत यह बता रहा है कि जनता वोट के अधिकार का प्रयोग बड़ी संजीदगी के साथ करती है।
मतदाताओं को हिमाचल के ग्रामीण पहाड़ी क्षेत्र में  साधना राजनेताओं के लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं है।
हिमाचल के मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर की अभिनेत्री कंगना रानौत से मुलाकात के सियासी मायने भी निकल रहे है।
पहाड़ी क्वीन राजनीति की फिल्म में भी अपना किरदार अगर चुनती दिखे तो आश्चर्य नहीं करना चाहिए।
कंगना अगर एंट्री करती है तो खासकर युवा वर्ग की वोटिंग का ग्राफ बढ़ सकता है और भाजपा के वोट प्रतिशत में इसका उछाल और जुड़ने की संभावना है।
गुजरात और हिमाचल विधानसभा के निर्णय  आगामी 2023 में होने वाले राजस्थान विधानसभा के चुनाव को प्रभावित करेंगे।
अभी जो पूर्वानुमान आ रहे है उसमे भाजपा करीब करीब अपने अतीत को दोहराती नजर आ रही है इस लिहाज से कांग्रेस के पास भी उतनी सीटें तो फिर आ रही है...आप पार्टी भी इस चुनाव में कसरत करती दिख रही है ..खाता खुलने की संभावना बन भी सकती है।
हिमाचल के मुख्यमंत्री के साथ कंगना की इस चुनावी मौसम में मुलाकात क्या कंगना सियासती रण में सीधे खेलने वाली है या फिर चुनाव प्रचार में युवा वर्ग के वोट बैंक पर भाजपा का ग्राफ बढ़ाएगी ..अभी कुछ भी कहना मुश्किल है पर मुलाकात के मायने तो कुछ न कुछ जरूर होंगे।

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