कैंसर,ट्यूमर असाध्य और जटिल रोगों को दूर करने वाला तिब्बती हर्बल क्लीनिक..
(हॉस्पिटल की जानकारी,फोन नंबर और ईमेल के लिए इस कार्ड को ध्यान से पढ़िए)
यहां आपको एडमिट नहीं किया जाता है और न ही कोई विशेष जांच होती है...सिर्फ सुबह के वक्त का पेशाब देखा जाता है और उसके साथ आपकी मेडिकल रिपोर्ट्स देख कर आपको दवाई दे दी जाती है।
यहां दवाई जड़ी बूटियों से बनी हुई गोलियां होती है जो आपको पीस कर पाउडर बना कर नियमानुसार गुनगुने पानी के साथ लेनी होती है।
दवाई के साथ पर्ची लगी होती है कि दवा कब और कैसे लेनी है!
आपको किन किन भोज्य प्रदार्थो का परहेज करना है यह भी उल्लेखित होता है...
यह तिब्बती हर्बल क्लीनिक हिमाचल के धर्मशाला से करीब 5 किमी शिवनगर के पास है इसको कैंसर,ट्यूमर के अस्पताल के नाम से विशेष जाना जाता है।
यहां रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया कुछ जटिल है क्योंकि यहां के नियम कायदे सख्त है....यहां पहले आओ और पहले पाओ सा कायदा है अर्थात जो आपसे पहले लाइन में लगा है तो उसको डॉक्टर से दिखाने का टोकन पहले मिलेगा....
यहां किसी की सिफारिश नहीं चलती..लाइन में क्रमबद्ध रूप से लोगों का नंबर आता है। यहां क्रम में रजिस्टर में नाम अंकित होते है और यह रजिस्टर दुपहर के करीब 2 बजे तक खुला रहता है ..लोग जैसे जैसे आते है वे अपना नाम दर्ज करते जाते है।
तत्पश्चात 3 बजे सबसे पहले जिन लोगों का नंबर अगले दिन डॉक्टर को दिखाने के लिए आता है उनके नंबर घोषित किए जाते है और उनको टोकन दिया जाता है..इस टोकन के नंबर 1 से लेकर 70 तक होते है और ये नंबर भी क्रम से चलते है।
जो लोग उस वक्त यहां उपस्थित नहीं होते तब फिर कई बार उनका नंबर ही चला जाता है और नए सिरे से पुनः प्रक्रिया करनी पड़ती है...इसलिए लोग यहां कई दिनों तक इंतजार करते है और यही रुकते है और कुछ लोग अगर जाते भी है तो हॉस्पिटल से नंबर की जानकारी या यहां के परिचित लोगों से यह जानकारी लेते रहते है।
जिनका नंबर आता है उनसे 20 रुपए लेकर उनको टोकन दे दिया जाता है और अगले दिन उनको सुबह का पेशाब लेकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
यह होने के बाद सुबह जो नए रजिस्टर हुए है उनकी आधार कार्ड की फोटो कॉपी पर उनके नंबर लिख कर दिए जाते है जिसको दूसरे शब्दों में कच्ची रसीद भी कहा जाता है।
डॉक्टर प्रतिदिन करीब 70 रोगियों को देखते है।
(हर शनिवार और माह के दूसरे रविवार को हॉस्पिटल बंद रहता है..अर्थात ये प्रक्रिया नहीं होती और डॉक्टर भी नहीं देखते।)
समूचे देश से विभिन्न प्रांतों के लोग आते है और अधिकांश लोगों के अनुभव चमत्कार से कम नहीं लगते।
यहां दवाई की एक माह की कीमत रोग के आधार पर 800 से लेकर करीब 2000 तक की होती है..
डॉक्टर को दिखाने के लिए जब आपका नंबर आता है उस वक्त टोकन की कीमत मात्र 20 रुपए ली जाती है।
यहां रोगी और उनके परिजनों के रुकने के लिए हॉस्पिटल में भी रूम करीब 500 रुपए में उपलब्ध होते है और हॉस्पिटल के बाहर भी अनेकों होम स्टे आपको 350 से 500 तथा होटल 800 से 1200 रुपए में उपलब्ध रहते है।
यहां नाश्ते,खाने की सुविधा हॉस्पिटल की कैंटीन में भी ओसत दर पर अच्छी है तथा बाहर भी आप अपने स्वाद के आधार पर ले सकते है।
डॉक्टर को दिखाने के लिए रोगी का साथ होना जरूरी नहीं है..पर रोगी का सुबह का पेशाब और उसकी ताजी मेडिकल रिपोर्ट होनी चाहिए..
पेशाब 7 दिन पुराना भी चल सकता है पर वो सुबह का होना चाहिए।
यहां सिर्फ 2 रोगों (जन्मजात पोलियों और एचआईवी एड्स का उपचार नहीं किया जाता) शेष सभी रोगों का उपचार किया जाता है।
आप दिखाने से पहले भी उपर कार्ड में उल्लेखित ई मेल में अपनी रिपोर्ट्स और रोग की जानकारी देकर भी डॉक्टर से ज़बाब पा सकते है और दवाई शुरू होने के बाद भी अगर कोई जिज्ञासा या असुविधा हो तो ईमेल से संपर्क कर सकते है।
अगर आपकी दवाई पूरी हो गई और आपको और मंगवानी है तो दवाई के खत्म होने से करीब 10 दिन पूर्व आप डॉक्टर की पर्ची की फोटो के साथ दवाई तथा भेजने के शुल्क के साथ राशि हॉस्पिटल के बैंक खाते में डाल कर उसकी फोटो के साथ हॉस्पिटल की मेल में भेज कर दवाई मंगा सकते है।
यहां की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से लेकर विस्तृत जानकारी पाने के लिए आप DIGITAL FIRST NEWS(YOU TUBE CHANEL) के यहां दिए जा रहे कुछ वीडियो लिंक को क्लिक करके पूरे वीडियो को ध्यान से देखिए जिससे यहां के कायदे ,प्रक्रिया को समझने में आसानी रहे।
अगर आप लोगों के अनुभव सुनना चाहते है तब फिर आप इन लिंक्स पर क्लिक करके लोगों के अनुभव सुनिए...
आशा है यह विस्तृत आलेख आपकी जिज्ञासा का समाधान प्रस्तुत करने में सफल रहा होगा।
सबके स्वस्थ, सफल रहने की शुभ मंगल भावनाओं के साथ...
संजय सनम
संपादक फर्स्ट न्यूज
(72780 27381)
Digital First News
(You tube chanel)
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