वकील नगरी के रूप में उभर रही पोपलिन सिटी बालोतरा

 *वकील नगरी के रूप में उभर रही है अब पापलीन सिटी बालोतरा*


*जैन समुदाय से एक साथ 12 युवतियां व 4 युवक एडवोकेट बन कर उभरे, जिसमें 10 युवतियां व 2 गृहणियाँ भी*

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(गणपत भंसाली)



राजस्थान की मरुधरा के आंचल में सीमावर्ती बाड़मेर जिले के समूचे सिवांची-मालाणी विस्तार में जसोल कस्बे के बारे में एक कहावत मशहूर थी कि "जसोल रो तो भाटो-भाटो वकील है" यानी जसोल का पत्थर-पत्थर वकील है और ये कहावत ऐसे ही नही बनी थी इसके पीछे वास्तविकता रूपी बड़ा वजूद था कि बालोतरा की जिला न्यायिक अदालत में अधिकांश वकील जसोल मूल के ही थे। 

बहरहाल इन दिनों एल एल बी यानी लॉ की पढ़ाई का रिजल्ट आया तो राजस्थान के रेगिस्तान यानी मरुधरा की ओद्योगिक नगरी व पापलीन सिटी के नाम से मश्हूर बालोतरा में जैन समाज की तकरीबन तकरीबन 16 प्रतिभाएं लॉ की परीक्षा में उत्तीर्ण हुई व वे भविष्य के अधिवक्ता के रूप में अदालतों में प्रैक्टिस करते नजर आएंगे व अब वे एडवोकेट मेडम या वकील साहब के रूप में पहचाने जाएंगे। 

विशेष व उल्लेखनीय बिंदु यह भी हैं कि इन 16 प्रतिभाओं में 10 तो युवतियां व 2 शादीशुदा गृहणियां भी हैं  तथा 4 युवक हैं। जैन समाज के इतनी युवतियां यहां तक गृहणियां एक साथ व एक ही वर्ष में एडवोकेट के रूप में नजर आना सम्पूर्ण बाड़मेर जिले का अपने आप में एक रिकॉर्ड ही है व एक दृष्टि से उनके परिवार जनों के लिए ही नही बल्कि समूचे सिवांची-मालाणी के जैन समाज के लिए ये एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है। 

एक साथ 16 युवक-युवतियों का एडवोकेट बन कर उभर आने के पीछे आखिर क्या रहस्य छिपा हुआ है? तो मैंने बालोतरा के सीनियर एडवोकेट श्री महावीर सा तातेड़ से जानना चाहा तो बालोतरा के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में 1983 से वकालत के क्षेत्र में  सेवारत श्री महावीर सा तातेड़ ने बताया कि यह अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है तथा लम्बे अंतराल के बाद यह रिकॉर्ड बना है, हालांकि अतीत में तो 100 साल के इतिहास में तीन दर्जन वकील-जज सिवांची-मालाणी के बमुश्किल रहे हैं। उसमें भी सर्वाधिक जसोल नगर के थे। लेकिन जिन्होंने एल एल बी पूर्ण कर एडवोकेट के पेशे को अपनाना चाहा है तो ये तमाम युवक-युवतियां सिर्फ एडवोकेट की डिग्री तक ही सीमित नही रहे बल्कि अदालतों में प्रैक्टिस भी करें ताकि उन्होंने जो न्यायधीश बनने का जो स्वप्न देखा है वो पूर्ण हो सकेगा।

 ये उल्लेखनीय है कि इन 16 युवक-युवतियों में से अधिकांश का लक्ष्य अपने आप को न्यायधीश के रूप में देखना है व ईमानदारी तथा नैतिकता पूर्वक न्याय सुलभ कराना हैं। बहरहाल अगर हम अतीत का अवलोकन करें तो बालोतरा शहर में आज से सात साल पूर्व एडवोकेट श्री महावीर सा तातेड़ के सपुत्र श्री अरिहंत तातेड़ एडवोकेट बने थे व वे भी अदालत में प्रैक्टिस करने लगे थे व आज भी इसी पेशे में सलंग्न हैं व श्री अरिहंत तातेड़ से 3 वर्ष पूर्व यानी आज से लगभग 10 वर्ष पूर्व सन्तोष भंसाली एडवोकेट बने थे।  

यही नही जसोल मूल के एडवोकेट स्व: श्री जसराज जी कोठारी के कई वर्षों बाद श्री महावीर सा तातेड़ व कुछ और युवा एडवोकेट बन पाए थे। यानी इतने अंतराल के बाद लॉ की पढ़ाई के प्रति आकर्षण पैदा होना व उसमें से एक साथ 16 जैन युवक-युवतियों का एडवोकेट बन कर उभरना आश्चर्यजनक तो है ही है साथ ही साथ ये शुभ संकेत भी हैं कि इस समाज की युवा पीढ़ी का महज अपने पुश्तेनी  उद्योग-व्यापार मात्र से ही लगाव नही है बल्कि वे हर क्षेत्र में अपना केरियर बनाने को आतुर है, अमूमन जैन समाज की युवा पीढ़ी का चार्टेड एकाउंटेंट, एम बी ए व इंजीनियरिंग के क्षेत्र में ज्यादा आकर्षण नजर आता रहा है और इसमें युवक युवतियां व गृहिणियां शामिल है, जहां तक युवतियों व गृहिणियों का प्रश्न है तो वे इंटियरियर डेकोरेटर व डिजायनर, इवेंट मैनेजमेंट, बुटीक, ऑनलाइन बिजनेश, मोटिवेशनल, गीत, संगीत, डांस, कुकिंग, ब्यूटी पार्लर आदि को प्राथमिकता देती है और अब तो युवक युवतियां एम बी बी एस जैसे डॉक्टरी विधा को भी वरीयता देते नजर आती हैं और समाज में अनेक डॉक्टर उभर कर भी आए हैं। 

लेकिन लॉ यानी एल एल बी की पढ़ाई में युवा पीढ़ी का एक ठहराव सा दिख रहा था और यही वजह है कि सिवांची-मालाणी विस्तार के जैन युवक-युवतियां अदालतों में वकील या न्यायधीश के रूप में गिने-चुने ही नजर आते थे, अब 16 प्रतिभाओं के एडवोकेट बन जाने से एक आशा की किरण जगी है कि भविष्य में अनेक एडवोकेट व जज आदि इस समाज से अदालतों में पैरवी करते व जजमेंट देते नजर आएंगे। 

अतीत की स्मृतियों को खंगाले तो जज साहब स्व: श्री सोहनराज जी कोठारी के सपुत्र श्री मर्यादकुमार जी कोठारी के अनुसार एक दौर था कि बालोतरा-जसोल-पचपदरा विस्तार यानी सिवांची-मालाणी क्षेत्र के श्री हिन्दुमल जी कोठारी (आमीन फाजिल) (जसोल)  (फ़ारसी शब्द) श्री सोहनराज जी कोठारी (न्यायधीश) (जसोल-बालोतरा आदि) श्री जसराज जी चोपड़ा (न्यायधीश) (पचपदरा-जयपुर आदि) श्री नरसिंह राज जी भंसाली (जसोल-बालोतरा) श्री नरसिंह राज जी मेहता (एडवोकेट) (बालोतरा-जसोल) श्री शंकर लाल जी मेहता (एडवोकेट) (बालोतरा-जसोल) श्री डूंगरमल जी कोठारी ( एडवोकेट) (बालोतरा-जसोल) श्री जसराज जी कोठारी (एडवोकेट) (जसोल-बालोतरा) श्री पारसमल जी कोठारी एडवोकेट (जसोल-मुम्बई) श्री सांवतराज जी मेहता (एडवोकेट नॉटेरी) (जसोल-बालोतरा) श्री हस्तीमल जी पारख (एडवोकेट) (पचपदरा-जोधपुर) श्री अमृतलाल जी जैन (एडवोकेट) (पचपदरा-जोधपुर) श्री प्रताप मल जी मेहता (पचपदरा-जोधपुर) श्री महावीर सा तातेड़ (एडवोकेट) (बालोतरा)  श्री शंकरलाल जी ढेलड़िया (एडवोकेट) (जसोल-बालोतरा) श्री लक्ष्मणदास जी बोथरा (बाड़मेर-बालोतरा)  श्री अरिहंत तातेड़ (ऐडवोकेट) (बालोतरा) श्री संतोष भंसाली (एडवोकेट) (बालोतरा) श्री धनराज जी श्री श्रीमाल (एडवोकेट) (बालोतरा) श्री महेंद्र श्रीश्री माल (एडवोकेट) (बालोतरा) सीमा मांडोत, वर्तमान (एडवोकेट) एकलव्य भंसाली, वर्तमान, (एडवोकेट) (जसोल-बायतु-जोधपुर)  प्रवीण-जसराज जी कोठारी (एडवोकेट) (जसोल-अहमदाबाद)  प्रज्ञा-मर्यादाकुमार कोठारी एडवोकेट (जसोल-बालोतरा-जोधपुर)श्री अशोक सिंघवी (एडवोकेट) (बालोतरा होटल रेड चिल्ली) श्री अरविंद-बस्तीमल जी सालेचा (एडवोकेट) (बालोतरा) श्री गौतम एम तातेड़ के पुत्र श्री हर्ष तातेड़ ने एल एल बी पूर्ण कर एडवोकेट बनने की ठानी है जबकि उनके एक और पुत्र श्री सुशील तातेड़ ट्रेडमार्क्स के क्षेत्र में पहले से प्रैक्टिस में है। 

पूर्व समय में रामसिंह मूंगड़ा के श्री चम्पालाल जी वेद मुथा भी एडवोकेट रह चुके हैं। यही नही डॉ श्री धनराज जी कोठारी (जसोल-अहमदाबाद) फोरेंसिक में एल एल बी किए हुए हैं। एडवोकेट श्री डूंगर मल जी कोठारी के पुत्र श्री अशोक कोठारी (जसोल-सूरत) भी एल एल बी कर चुके हैं। जसोल के श्री केशरी मल जी कोठारी (अर्जी नवेश) के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। केशरीमल जी कोठारी के पुत्र स्व:श्री भंवरलाल जी कोठारी भी एल एल बी पूर्ण कर चुके थे। न्यायधीश स्व: श्री सोहनराज जी कोठारी के सपुत्र श्री मर्यादा कुमार कोठारी भी एल एल बी कर रहे थे लेकिन उन्होंने दो साल अध्ययन किया व आगे की पढ़ाई स्थगित कर दी। हालांकि एल एल बी कर सारे के सारे महानुभाव एडवोकेट नही बन पाए, इनमें से कुछ ने कुछ महीने, कुछ ने कुछ वर्षों तक प्रैक्टिस की तो कुछ ने ताउम्र इस पेशे को अपनाया। जहां तक अन्य क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करने व अन्य तरह के कैरियर को अपनाने का प्रश्न है तो जसोल में स्व श्री मूलचंद जी कोठारी व वर्तमान में जोधपुर निवास कर रहे जसोल के श्री प्रो श्री सोहनराज जी तातेड़ इंजीनियर पद पर सेवाएं दे चुके हैं। 

जसोल के ही श्री अशोक कोठारी मुम्बई के जी एस टी विभाग में कमिश्नर पद पर सेवारत है। आर ए एस के पद पर भी स्व श्री उदय चन्द जी श्रीश्री माल के पुत्र श्री कांतिलाल श्रीश्री माल तथा स्व श्री खीमराज जी प्रदीप के सुपौत्र एंव श्री गणपत सालेचा के सपुत्र श्री कल्पेश सालेचा भी सेवारत हैं। श्री माणक सा संकलेचा (जय लक्ष्मी) के पुत्र भी सरकारी उच्च पद पर सेवा में हैं। जसोल के अनेक जैन युवा व उनकी धर्मपत्नियाँ विदेशों में लंदन, वाशिंगटन डी सी, दुबई आदि देशों में अलग-अलग फील्ड में सेवारत हैं।  जसोल में जैन समुदाय से अध्यापन के क्षेत्र में दो दर्जन से ज्यादा प्रतिभाएं अध्यापक व प्रिंसिपल आदि पदों पर सेवाएं देती रही है व वर्तमान में श्री गणपत सा गांधी मेहता जोधपुर के कॉलेज में बतौर प्रोफेसर सेवारत है व डॉ श्री सोहनराज तातेड़ भी सेवा निवृत्त होने के लम्बे अंतराल पश्चात जैन विश्व भारती लाडनूं मान्य विश्वविद्यालय तथा अन्य विश्वविद्यालय में बतौर प्रोफेसर व सहायक प्रोफेसर के रूप में सेवाएं प्रदान कर चुके हैं। 

सिवांची-मालाणी विस्तार के गुड़ा मालाणी के श्री ओमप्रकाश जैन प्रशासनिक सेवा में हैं।  बालोतरा के स्व: श्री पुखराज जी सालेचा प्रशासनिक सेवाओं में उच्च पद पर सेवारत रहे हैं, वर्तमान में उनके पुत्र श्री नरेश जी सालेचा रेलवे बोर्ड के उच्च पद पर सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। बालोतरा के ही डॉ श्री महावीर सा गोलेछा दुनिया के 25 युवा वैज्ञानिकों में से एक है व वे वर्तमान में नीति आयोग में सेवारत हैं। असाडा मूल के व मुम्बई के बॉम्बे हॉस्पिटल में सेवारत डॉ श्री गौतम सा भंसाली की कोविड-19 में अद्वितीय सेवाएं रही है। बालोतरा के ही डॉक्टर श्री पारसमल छाजेड़ व डॉक्टर श्री उगमराज सालेचा आज भी इसी प्रोफेशन में है, श्री छाजेड़ के परिवार में डॉक्टरों की लंबी फेहरिस्त हैं। यही नही सिवांची मालाणी की बिटिया अहमदाबाद में आयकर अधिकारी के रूप में तो किसी और शहर में इसी विस्तार की एक और बिटिया न्यायधीश के रूप में सेवारत है। 

सिवांची-मालाणी विस्तार की अगिनित प्रतिभाएं देश भर में सरकारी सेवाओं के उच्च पदों पर सेवारत हैं। जहां तक जोधपुर के जैन समुदाय से एडवोकेट व न्यायधीशों की संख्या का प्रश्न है तो वहां तो सैकड़ों प्रतिष्ठित नाम है। श्री आर एम लोढा सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश रह चुके हैं। श्री दलवीरसिंह भंडारी तो इंटरनेशनल कोर्ट के न्यायधीश रहे हैं। स्व: श्री लक्ष्मीमल सिंघवी सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ एडवोकेट के रूप में सेवाएं दे चुके है उनके पुत्र व कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी भी सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट है।  बाड़मेर में भी जैन समुदाय से अनेकों एडवोकेट है व रहे भी हैं। बालोतरा डिस्ट्रिक्ट कोर्ट स्थापित होने के पीछे उस समय बाड़मेर को जिला बनाया गया तो डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बालोतरा के हिस्से आया जबकि बाड़मेर में अतिरिक्त जिला अदालत है। 

ये जैन समुदाय के लिए गौरव की बात है कि बालोतरा के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में स्थित बार एसोसिएशन के प्रांगण में न्यायधीश स्व श्री सोहन राज जी कोठारी, एडवोकेट श्री नरसिंह राज जी भंसाली व एडवोकेट श्री लक्ष्मण दास जी बोथरा की प्रतिमा स्थापित हुई हैं। बार एसोसिएशन की लाइब्रेरी में पुस्तकें स्व श्री डूंगरमल जी वकील साहब द्वारा प्रदत्त की गई थी। वर्तमान में एक साथ एक 16 एडवोकेट प्रतिभाएं उभर कर आने के पीछे अनेकों कारण है, मुम्बई में जी एस टी कमिश्नर के रूप में सेवारत श्री अशोक कोठारी का मानना है कि वर्तमान की युवा पीढ़ी अब किसी दायरे में बंधी हुई नही है वे अपने पसंदीदा केरियर को अपनाना चाहती है जो कि समाज के लिए शुभ संकेत हैं। एडवोकेट श्री महावीर तातेड़ का मानना है कि अब सगाई-सम्बन्ध की उम्र सीमा बढ़ जाने से युवा पीढ़ी अध्ययन को प्राथमिकता दे रही है व अभिभावक भी उनका साथ दे रहे हैं व उन्हें प्रोत्साहित कर रहे हैं। 

श्री तातेड़ का कहना है  कि वर्तमान दौर में अगर लड़के से लड़की 2-3 वर्ष बड़ी भी हो तो एतराज नही उठता और वे सगाई कर देते हैं। श्री तातेड़ का मानना है कि अभी तक जैन समुदाय में ये मान्यता रही कि शीघ्र इन्कम देने वाले पेशे को अपनाया जाए लेकिन नई पीढ़ी अब ऐसा नही सोचती, युवा अब अपनी चॉइस को ज्यादा महत्व देते हैं।  

श्री तातेड़ का कहना है कि अतीत में इस पेशे को वो ही अपनाता था जो कि इसे आजीविका का माध्यम मानता था या फिर घर-परिवार में और कोई बिजनेश था तो अपने जुनून के चलते इस विधा को अपनाता था। बालोतरा के चार्टेड एकाउंटेंट व समाजसेवी श्री ओम प्रकाश बांठिया का कहना है कि वैसे तो सिवांची-मालाणी विस्तार के जैन युवक-युवतियों के पसंददीदा केरियर चार्टेड एकाउन्टेंट है और इस क्षेत्र की अगिनित प्रतिभाएं सिवांची मालाणी के गांवों-शहरों में ही नही बल्कि अहमदाबाद, सूरत, मुम्बई, चेन्नई, बेंगलोर, हैदराबाद, तथा दक्षिण भारत के सभी प्रदेशो व महाराष्ट्र-गुजरात के विभिन्न शहरों में निवास कर रहे ये युवा भी सी ए बनने को प्राथमिकता देते रहे हैं लेकिन ये शुभ संकेत है कि बालोतरा की 12 युवतियां व 4 युवकों ने एडवोकेट की राह अपनाई हैं, श्री बांठिया के अनुसार बालोतरा में 33 चार्टेड एकाउंटेंट कार्यरत है जिसमें से जैन समुदाय से 8 है जबकि अग्रवाल समुदाय में चार्टेड एकाउंटेंट की संख्या सर्वाधिक है। अहमदाबाद व सूरत में सिवांची-मालाणी विस्तार के अनेक सी ए अपने स्वयं की ऑफिस प्रारम्भ कर चुके है व इन्टरशिप के तौर पर इस विधा की और आगे बढ़ रहे हैं।

 पत्रकार व साहित्यकार श्री लालचंद पुनीत इसे बदलाव की बयार मान रहे हैं और उच्च अध्ययन के प्रति युवा पीढ़ी का आकर्षण और भी बढ़ेगा। श्री महावीर सा तातेड़ के अनुसार एल एल बी यानी लॉ के अध्ययन हेतु 12 वीं के बाद 5 वर्षीय या फिर ग्रेज्युशन पूर्ण करने के बाद 3 वर्षीय अध्ययन आवश्यक है। लॉ की पढ़ाई के लिए 12 वीं पश्चात या ग्रेज्युशन पश्चात 50 प्रतिशत मार्क्स आवश्यक है तथा तभी लॉ में प्रवेश मिल पाता है। बहरहाल बालोतरा में एक साथ 16 एडवोकेट बन कर उभर कर आना सम्पूर्ण देश में निवासरत सिवांची-मालाणी विस्तार के जैन धर्मावलंबियों में हर्ष व गौरव का विषय बना हैं।


बालोतरा में एल एल बी में उत्तीर्ण हुई 16 प्रतिभाओं की सूची जो कि एडवोकेट बनने जा रही हैं।








● अलीशा वैद (सपुत्री मीनादेवी-नरेश कुमार वैद)

● श्वेता रांका (सपुत्री विमला देवी-हीरालाल जी रांका)

● कशिश बागरेचा (सपुत्री सन्तोष-कमलकिशोर जी बागरेचा, बाड़मेर वाले, (बालोतरा)

● ट्विंकल सोलंकी (सपुत्री सन्तोष-प्रकाशचन्द जी सोलंकी) (संगम ग्रुप)

● भारती लुंकड़ (सपुत्री संगीत देवी मदनलाल जी लुंकड़) (बी एन ग्रुप)

● प्रतीक्षा बागरेचा (सपुत्री सन्तोषदेवी-मोहनलाल जी बागरेचा) (मोहन-ललित कॉटन मिल्स)

● संजोली सालेचा (सपुत्री जय श्री-पंकज कुमार जी सालेचा) (पी राजेश ग्रुप)

● प्रेक्षा ओस्तवाल (सपुत्री श्री नरेश कुमार जी ओस्तवाल) (जर्दावाला)

● रुचिका ओस्तवाल (सपुत्री महेंद्र कुमार जी ओस्तवाल)

● प्रेक्षा ओस्तवाल (सपुत्री नरेश जी ओस्तवाल, 'जर्दा वाला') 

● प्रेक्षा धर्मपत्नी हर्ष जी हुंडिया (पुत्रवधु: ललिता-प्रकाश जी हुंडिया) (सपुत्री श्रीमती राजेश्वरी-संतोषकुमार जी मेहता) (फर्स्ट क्लास) 

● महिमा- राहिल जी सालेचा (पुत्रवधु रेखा देवी-ललित कुमार जी सालेचा,'भाई जी वाला') (सपुत्री सीमा देवी-महेंद्र जी चोपड़ा) (सर्वोदय ग्रुप)

● रतन चोपड़ा सपुत्र कांतिलाल जी चोपड़ा, (पारलू-जोधपुर)

● यश तातेड़ (सपुत्र गौतम चन्द जी एम तातेड़, बालोतरा-अहमदाबाद)

● राहुल कुमार मालू (सपुत्र गौतमचंद मालू, बाड़मेर)

● दीक्षित बोथरा सपुत्र किशनलाल जी छाजेड़, (बालोतरा-बाड़मेर-जसोल)

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लेखक: गणपत भंसाली

Jasolwala@gmail.com

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