।। घर पर करें कोरोना का इलाज ।।
आज 24जुलाई है।अभी तक देश मे 12 लाख के करीब कोरोनासंक्रमण हो गए हैं ,एवं राज्य मे 49 हजार के करीब।खुसी इस बात की है कि देश एव राज्य मे 60% से ज्यादा लोग स्वस्थ्य हो गए हैं, अर्थात पुरे देश मे 78 हजार एव राज्य मे 29 हजार के करीब।अधिकांश मरीजों को हल्के एवं कुछ को उससे ज्यादा लक्षण दिखाई दे रहें हैं। केवल 12 % से 15 % मरीज जो ज्यादा उम्र के है एवं जिन्हें पहले से कुछ बिमारियों हैं जैसे सुगर, हाई ब्लड प्रेशर, सांस एव किडनी की समस्या है उन्मे ज्यादा लक्षण दिखाई देते है एवं उन्हीं मरीजों को अस्पताल मे भर्ती करने की जरूरत है।अभी रोजाना करीब दो हजार दोसौ से ज्यादा संक्रमण हो रहे है और एक हजार छह सौ ठीक हो रहे है , अर्थात अस्पतालों मे छह सौ बेड की कमी रह जातीहै यही वजह हैकि नए कोरोना मरीज को एकअस्पताल से दूसरे अस्पताल मे दौडना पडता है, तो आइये हम सब मिलकर घर पर कोरोना पाजिटिव मरीजके इलाज की व्यवस्था करें।
A =हल्के लक्षण ( mild symptom ) सूखी खांसी, हल्की बुखार , थोड़ी कमजोरी , मीठा एव नमकीन के स्वाद मे कमी लेकिन खट्टा का स्वाद बना रहता है,और सुगंध मे भी कमी रहती है।इस तरह के लक्षण रहने पर
1 =14 दिनों का आईसोलेशन ।
2 = फेस मास्क, हेन्ड सेनिटेशन
3 =विटामिन सी की दो गोली, एक सुबह एक शाम ।
4 =विटामिन जिन्क 50 एम जी की एक गोली ।
5 =गरम खाद्य पदार्थों का सेवन एवं ज्यादा पानी पीना
6 = हाइड्रॉक्सी क्विनोलिन ( HCQ S) 800 एम जी
पहले 24 घंटे मे, फिर 400 एमजी रोज, चार दिन तक
7 = टेबलेट मोन्टिल्यूकस 10 एम जी ,रोज एक गोली
8 = टेबलेट पैरासिटामोल 650 एम जी तीन बार
9 = टेबलेट एजिथ्रोमाइसिन 500 एम जी एक बार
10 = सूखी खांसी के लिए कोई कफ सिरप ।
B =हल्के से कुछ ज्यादा लक्षण ( moderate symptoms )।हल्के लक्षणों के साथ साथ बुखार मे तेजी आना एवं दवा लेने के बावजूद पांच छह दिन तक
बुखार का बने रहना।भूख नही लगना, जी घबराना, किसी किसी को पतले दस्त होना। इलाज--
1 = हल्के लक्षणों के इलाज के साथ साथ एक दूसरी एन्टिवाइटिक को स्टार्ट कर देना चाहिए।जैसे डोक्सि साइक्लिन ,या फिर सेफोडोक्सिम, या फिर एन्टि वायरल दवा जैसे Fabi flu इत्यादि ।
इन सारी दवाओं को कैसे एव कितनी मात्रा मे लें इसके लिए अपने फैमिली फिजिसियन से अवश्य सलाह करें,और उन्हीं की सलाह के अनुसार कुछ बदलाव कर सकते हैं ।
C = सीरियस लक्षण ( Severe symptoms)
mild और moderate लक्षण के साथ साथ मरीज को सांस लेने मे कठिनाई और बहुत कमजोरी, ओक्सिजन लेबल मे कमी होना ( 90 %से 92 % ),
ब्लड प्रेशर कम होना। इस तरह के लक्षण दिखाई देने पर Covid dedicated अस्पताल मे तुरंत भर्ती करना चाहिए ।
सीरियस लक्षण वाले मरीजों का इलाज काफी complicated होता है।covid experts डॉक्टरों की देख रेख मे होता है।आक्सीजन,Bi - Pap मशीन, Ventilator, स्पेशल टेस्टिंग जैसे ABG, D- dimer , CRP,LDH, Procalcitonin , Interleukin, Troponin , Ferritin, Coagulation parameters, HRCT, इत्यादि ।
महंगी दवाएं जैसे Remdesivir , Tocilizumab, LMWX ,Febi flu ,Steroids , Nor- Adre ,Vasopressin, Meropenam, Fosmomycin इत्यादि, और Dialysis.
इतनी सारी चीजों की वजह से इलाज मे काफी खर्च होता है, और साधारण लोग समझते हैं कि डॉक्टर एवं अस्पतालों ने जान बूझ कर बढा- बढा कर लम्बा बिल बना दिया है ।अब समय आ गया है साधारण लोगों को समझना होगा और डाक्टर एवं महंगे इलाज के प्रति अपनी मानसिकता को बदलना होगा ।
डा सुशील अग्रवाल कोलकाता ( रिकवरी )।
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