कोरोना के कर्मयोद्धा-6
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राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ ने सवा लाख राशन किट व
67 दिनों तक 45 से 50 हजार जरूरतमन्दों को दोनों समय भोजन उपलब्ध कराया।
देश भर में आर एस एस की सेवाओं को सराहा जा रहा है।
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(गणपत भंसाली द्वारा)
28 जून 2020
इस देश के राष्ट्रीय स्वंय संघ संगठन को सेवा के पर्याय के रूप में जाना जाता है। अकाल हो अतिवृष्टि, बाढ़ हो या और कोई प्राकृतिक आपदा, प्लेग हो या और कोई महामारी, सुनामी हो या और कोई कहर, ट्रेन, बस दुर्घटना हो या आगजनी जहां कहीं भी सेवा कार्यों हेतु समर्पित टीम की जरूरत होगी तो आर एस एस के स्वंय सेवक बिना किसी विलम्ब के घटनास्थल पर पहुंच जाते हैं और पूरे जोश व जज्बे के साथ सेवा में जुट जाते हैं।
25 मार्च से कर दी थी सेवाएं प्रारम्भ
इस बार जब विश्व व्यापी कोरोना महामारी ने अपने पांव पसारे और सरकार ने 23 मार्च 2020 को लॉक डाउन की घोषणा की तो आर एस एस व इसी संगठन की एक सेवा इकाई डॉ अम्बेडकर वनवासी कल्याण ट्र्स्ट के कार्यकर्ताओं ने उसी दिन से सेवा कार्यों में समर्पित होने हेतु अपनी तैयारी दर्शा दी थी व दूसरे दिन राष्ट्रीय स्वंय संघ के गुजरात प्रान्त के अधिकारी श्री नंदकिशोर शर्मा आदि स्वंय सेवक जिला कलेक्टर व म्युनिसिपल कमिश्नर से मुलाकात कर अपने सेवा के लक्ष्य को उनके सामने दोहराया।
सवा लाख राशन किट व रोज 45-50 हजार लोगों को दोनों समय भोजन
राष्ट्रीय स्वंय संघ ने 25 मार्च से ही अपना सेवा अभियान प्रारम्भ कर दिया था जो कि 8 जून तक चला। इस अवधि में आर एस एस व श्री अम्बेडकर वनवासी कल्याण ट्र्स्ट ने जो सेवा की है वो अद्वितीय व अविस्मरणीय रही। आर एस एस द्वारा 25 मार्च से 31 मई के दौरान प्रतिदिन 45 से 50 हजार लोगों को दोनों समय भोजन उपब्ध कराया, भोजन में दोपहर को दाल-भात व शाम को मसाला खिंचड़ी होती, जो कि टेम्पो द्वारा बड़े बर्तनों में ढो कर गन्तव्य स्थानों पर पहुंचाया जाता व जरूरतमन्दों को गर्मागर्म परोसा जाता, आर एस एस के कार्यकर्ताओं की वितरण व्यवस्था इतनी व्यवस्थित थी कि भोजन उसी व्यक्ति तक पहुंचता जिसे की वाकई जरूरत थी, कार्यकर्ता ने बकायदा उन जरूरत मंदों की लिस्ट तैयार की जिनके पास राशन कार्ड नही था, क्योंकि राशनकार्ड धारकों को सरकार द्वारा नियमित रूप से राशन मुहैया कराया जाता था, हालांकि लॉक डाउन के लागू होते ही जब आर एस एस के अग्रणी म्युनिसिपल कमिश्नर से मिलने गए थे तभी कमिश्नर जी ने इन कार्यकर्ताओं से आग्रह किया था कि आपका संगठन उन लोगो को प्रार्थमिकता पूर्वक भोजन राशन आदि वितरित करें जिनके पास राशन कार्ड नही है, इस संगठन ने सूरत में सर्वाधिक राशन किट वितरित की है
तकरीबन सवा लाख राशन किट आर एस एस द्वारा गरीबों व जरूरतमन्दों को प्रदान की गई है, प्रत्येक किट में 5 किलो आटा, 3 किलो चावल, 1 किलो दालें, 1 किलो नमक, 1 लीटर तेल, शक्कर व मिर्च मसाले उस किट में शामिल थे, लगभग 10 किलो की किट होलसेल में 450 रु की दर में खरीदी गई थी, खुदरा में ये किट 500 रु की कीमत की थी, 5 करोड़ 60 लाख से ज्यादा कीमत की तो ये राशन सामग्री ही थी। अगर आंकड़ों की दृष्टि से आकलन करें तो ये एक करोड़ लोगों के लिए एक समय का भोजन होता है।
पेकिंग से लेकर वितरण तक 1100 समर्पित स्वंय सेवको द्वारा
सम्पूर्ण सेवा में प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 10 करोड़ की राशि नियोजित का एक अनुमानित आकलन हैं। डॉ अम्बेडकर वनवासी कल्याण ट्र्स्ट के पदाधिकारी एंव गौ सेवक श्री कैलाश धुत के अनुसार लगभग 72500 पुलिसकर्मियों को भोजन अल्पाहार आदि समय समय पर परोसा गया। भोजन व राशन शहर के सातों जोन में तमाम विस्तारों में वितरित किया गया जिसमें अमरोली, वेड़रोड़, कतारगाम,अंजनी एस्टेट,पूणा गांव, वराछा, सरथाणा,नवागाम डिंडोली, पर्वतगाम, उधना, भेंस्तान, पांडेसरा, कड़ोदर, हजीरा, वरियाव, जहांगीर पूरा, सलाबत पूरा, बेगमवाड़ी आदि तमाम विस्तार शामिल है, इन तमाम सेवा कार्यों में लगभग 1100 समर्पित कार्यकर्ता की टीम थी वो दिन रात सेवा में रत रहती। विशेष बिंदु ये भी था कि तमाम सेवा कार्य आर एस एस के स्वंय सेवकों ने किया, इस संगठन ने किसी अन्य संगठन या व्यक्ति के माध्यम से भोजन राशन नही वितरित किया, जो भी किया कार्यकर्ताओं ने किया, राशन खरीदने से लेकर पेकिंग करने तक व जरूरतमन्दों की बस्तियों में पहुंच कर वितरित करने तक का दायित्व स्वयं सेवकों ने निभाया।
5 स्थलों पर रसोईघर व अनेक पेकिंग पॉइंट
आर एस एस के रसोई घर रांदेर, अमरोली, पर्वत पाटिया पूणा गांव में संचालित थे। जबकि राशन पेकिंग व सेवा कार्य संचालन हेतु सूरत के वी आई पी रोड़ स्थित रूंगटा शॉपिंग सेंटर, पर्वत पाटिया स्थित जाट समाज की वाड़ी, उधना के आशानगर स्थित एक स्कूल में, सचिन में स्थित एक स्कूल, अमरोली में जलाराम वाड़ी, रांदेड़ स्थित एक वाड़ी, व भेंस्तान जैसे केंद्र संचालित थे।
भोजन राशन के अलावा मास्क, सेनेटराइज व रक्तदान शिविर भी
आर एस एस की सेवाएं सिर्फ भोजन व राशन तक ही सीमित नही थी, इस संगठन द्वारा 1 लाख मास्क वितरित किया गया, ये मास्क कपड़े से सूरत में ही बनाए गए जिससे अनेक महिलाओं को रोजगार भी मिला, मास्क के लिए कपड़ा स्थानीय टेक्सटाइल्स उद्यमियों से थोक दर में खरीदा गया कपड़ा 3 रु व मास्क की सिलाई 2 रु के लगभग यानी मात्र 5 रु की कीमत में मास्क उपलब्ध हो गए, विशेष बात यह रही कि इस लॉक डाउन की अवधि में जब तमाम कारखाने, दुकाने बन्द थी तो लोग बेरोजगारी का सामना कर रहे थे तो ऐसे दौर में महिलाओं आदि को दो लाख रु मास्क की सिलाई में मिल गए, ये मास्क पहले तो सचिन स्थित एक टेक्सटाइल्स यूनिट में तैयार कराए गए, फिर पुणा गांव में टेलर कॉलोनी में और अब डॉ अम्बेडकर ट्र्स्ट में तैयार हो रहे हैं, मास्क तो अभी भी बनाए जा रहे हैं, दरअसल मजदूरों के पलायन से अलबत्ता सिलाई के ठिकाने बदलने पड़े, जब आर एस एस के अग्रणी 25 मार्च को म्युनिसिपल कमिश्नर से मिलने गए तो उन्होंने स्विमेर हॉस्पिटल के लिए मास्क व सेनेटराइज बॉटलों की मांग की तो इन अग्रणियों ने 3 हजार मास्क व 3 हजार सेनेटराइज बॉटलें अविलम्ब भिजाइ, आर एस एस का सम्पूर्ण राष्ट्र में विशाल नेटवर्क है अतः कार्यकर्ताओं आदि के पास देश भर से फोन आते की फलां जगह इतने लोगों को भोजन पैकेट व राशन किट भिजाओ तो कार्यकर्ताओं ने बिना किसी देरी किए उन्हें भोजन उपलब्ध कराया,भोजन, राशन, मास्क वितरण के अलावा आर एस एस कार्यकर्ताओं ने 4500 स्थलों पर सेनेटराइज किया, उसमें पुलिस विभाग सहित अनेक सरकारी कार्यालय भी है, लॉक डाउन में शहर की ब्लड बैंकों में जब रक्त की भारी कमी देखी गई तो आर एस एस द्वारा इस अवधि में अनेक रक्तदान शिविर आयोजित कर कुल 925 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।
दानदाताओं ने दिल खोल कर दिया सहयोग
राष्ट्रीय स्वंय संघ के संगठन की गुणवत्ता इतनी है कि रूंगटा शॉपिंग सेंटर व जाट समाज की वाड़ी पर राशन भोजन पेकिंग केंद्रों पर कोई व्यापारी, उद्यमी या दानदाता पहुंचते तो वे उनके सेवा प्रयासों से प्रभावित होकर 50 हजार से लेकर एक लाख रु तक की सहयोग राशि नगद पकड़ा कर चले जाते।गुजरात प्रान्त के अधिकारी श्री नंदकिशोर शर्मा ने एक दानदाता के विसर्जन का उदाहरण दिया कि एक डॉक्टर ने किसी न्यूज चैनल पर आर एस एस के सेवा कार्यों की न्यूज देखी तो उन्होंने अविलम्ब राष्ट्रीय स्वंय सेवकों के अग्रणी का मोबाइल नम्बर जुटाया और उनसे संपर्क कर एक लाख रु की नगद राशि सौंप कर चले गए।
अभी भी जारी है सेवा कार्य
आर एस एस द्वारा सेवा कार्य अभी भी जारी है इन दिनों राष्ट्रीय स्वंय संघ, आयुष मंत्रालय व विश्व हिंदू परिषद सयुंक्त रूप से जगह जगह शहरवासियों को काढ़ा पिला रहे हैं, गत रोज़ समस्त पाटीदार समाज के बैनर तले डेढ़ लाख लोगों को काढ़ा पिलाया गया, आगामी 5 दिनों में सभी जोन में लाखों लोगों को ये रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में उपयोगी काढ़ा पिलाया जाएगा।
समर्पित कार्यकर्ताओं की है आर एस एस की टीम
ये उल्लेखनीय है कि आर एस एस के गुजरात प्रान्त के अधिकारी श्री नंदकिशोर शर्मा, श्री केतन भाई लापसी वाला (महानगर कार्यवाहक), श्री ललित सेलदिया, श्री गणपत सिंह परमार, श्री नितिन भाई परमार, श्री रणछोड़ भाई ढोलिया आदि पदाधिकारी पूरे सेवा अभियान में जुटे रहे। तथा आर एस एस की सहयोगी इकाई डॉ अम्बेडकर वनवासी कल्याण ट्र्स्ट के श्री तुलसी भाई तथा श्री कैलाश धुत भी कंधे से कंधा मिला कर दिन रात सेवा में जुटे रहे। श्री धुत का तो पूरा परिवार आर एस एस व डॉ अम्बेडकर ट्र्स्ट के कार्यकर्ताओं के साथ सेवा में सलंग्न था, जिसमें श्री धुत की धर्मपत्नी श्रीमती अनिता धुत, पुत्र श्री अंकेश धुत व पुत्र वधु दीपिका धुत शामिल है। श्री कैलाश धुत के साथ समाजसेवी व उद्यमी श्री संतोष नाहर (महावीर इंटरनेशनल ) श्री एस एन राठी जैसलमेर वाले, श्री विकास अग्रवाल (सवेरा साड़ी) एंव श्री विनोद बिहाणी की सेवाएं भी उल्लेखनीय रही।
टीवी न्यूज चैनलों पर देश भर में आर एस एस के सेवा प्रयासों की चर्चा।
कोरोना काल में आर एस एस संगठन की सेवाओं को देश भर में सराहा जा रहा है, स्थानीय व राष्ट्रीय स्तर के टी वी न्यूज चैनलों में आर एस एस द्वारा विशाल स्तर पर की गई राशन व भोजन वितरण सेवाओं के समाचार व्यापकता के साथ प्रसारित हुए हैं।
इन संगठनों व अधिकारियों ने किया सम्मानित
सूरत में जिला कलेक्टर, सूरत म्युनिसिपल कमिश्नर, सांसद श्री सी आर पाटील, विधायक श्री हर्ष संघवी, महावीर इंटरनेशनल सूरत मुख्य शाखा, विप्र फाउंडेशन आदि संगठनों, सरकारी अधिकारियों व नेताओं ने राष्ट्रीय स्वंय संघ को उल्लेखनीय सेवाओं के लिए सम्मानित भी किया गया हैं। महावीर इंटरनेशनल सूरत के वीर विराएं आर एस एस व डॉ अम्बेडकर कल्याण ट्र्स्ट के इन सेवा प्रयासों की ह्रदय की अंतरंगता से सराहना करते हैं।
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