कामवाली बाई कब आएगी!

अब वो भर रही हुंकार है
उनका लाख टके का यह सवाल है...
बस...बहुत हो गया....अब यह  नियम नहीं चलेगा
बैठ रही है हमारी बैटरी
हम बीमार पड़ जाएंगे..
पुरुष वर्ग को मिल रही चेतावनी.....
 घरवाली औऱ बाई के बीच मे आया कोरोना....

फर्स्ट न्यूज़(संजय सनम)
कोरोना संक्रमण के इस विकट दौर में जब लॉक डाउन की वजह से जिंदगी थम सी गई है उस वक्त जब पुरुष घर मे रहने के लिए मजबूर हुए है और महिलाओं के लिए विकट स्थिति उनकी सबसे प्रिय उनकी कामवाली बाइयों का आना भी बंद हो गया।और बात 5-10 दिन की भी होती तो शायद दर्द उतना भारी नही लगता पर करीब 40--50 दिन निकल गए ....अब कामवाली बाइयों के फोन जब आते है और काम्प्लेक्स के नियम कायदों की वजह से जब उन्हें बुला नहीं पाती है तब उस दर्द को भी बयान करना मुश्किल होता है।

यह तो सर्वविदित है कि घर मे घरवाली का प्रमुख स्थान होता है और घरवाली के लिए अपने घरवाले से भी ज्यादा कामवाली का स्थान मन मे होता है उसके बिना वो विचलित हो जाती है । अभी इस सच्चाई पर बात जरूरी नही है पर सवाल यह  है कि सुरक्षा की वजह से उनका आना तब रोका गया था जब काम्प्लेक्स के लोग भी कॉम्प्लेक्स की सीमा को पार नही करते थे।
यद्धपि अब कोरोना संक्रमण की स्थिति जटिल हुई है क्योंकि आंकड़े निरन्तर बढ़ते दिख रहे है पर लॉक डाउन में भी ढील हो रही है और लोग भी घरों से निकलते दिख रहे है। ऐसे में कई बिल्डिंग काम्प्लेक्स से अब कामवाली बाइयों को प्रवेश करने की आवश्यक सुरक्षा शर्तो के साथ छूट मिली है जो उचित प्रतीत होती है।

अगर काम्प्लेक्स के लोग घर से बाहर कार्यालय दुकान के लिए निकलते है तब फिर कामवाली बाइयों के आने में रुकावट का कारण समझ मे नही आता..!.. 
या तो पूरा लॉक डाउन टाइट रखिये...तब कोई नही आएगा और आपात स्थिति को छोड़ कोई बाहर नही जाएगा....तब तो यह प्रतिबंध जचता है पर हम तो बाहर जायेगे पर कोई हमारे इधर नही आएगा....यह नही चल सकता क्योंकि जोखिम तो दोनों तरफ है....जब आप बाहर जाते है तो आप कितनो के संर्पक में आते है फिर क्या वो जोखिम नही है!

यहां तो लोग बिना आवश्यक काम के लॉक डाउन का दृश्य देखने के लिए बिना वजह  भी निकलते देखे गए है....कुछ लोग बीड़ी--सिगरेट ,गुटखा की तलब मिटाने के लिए भी जब निकल सकते है तब फिर कामवाली बाइयों का आना निषेध क्यो!
 यह सवाल महिलाओं का क्या जायज नहीं लगता!

आवश्यक सुरक्षा के नियम बनाइये.... कोई भी आये तो उसके चेहरे पर मास्क जरूरी हो....औऱ तापमान उसका लिया जाए अगर तापमान थोड़ा भी अधिक हो तो उसे प्रवेश न दिया जाए।इस तरह के कुछ और भी उचित नियम बना कर प्रवेश शुरू किया जा सकता है क्योंकि कोरोना का सफर अभी लम्बा चलना है तब घर की महिलाओं की सेहत का भी ख्याल रखना जरूरी है।

कामवाली बाइयों के आने से गृह स्वामिनी का शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य दोनो अच्छा रहता है अर्थात अनुकूल प्रभाव पड़ता है।इसलिए आवश्यक सुरक्षा की शर्तों के साथ कामवाली बाइयों को आने की अनुमति मिलनी चाहिए।यहां पर उनका भी हित जुड़ा है जो आवश्यक है और गृह स्वामिनी के कार्य का बोझ हल्का होना भी उनकी सेहत के लिए आवश्यक है।

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