भारत सरकार की त्वरित कार्रवाई प्रशंसनीय।

कोरोना संक्रामक रोग....सावधानी बड़ा उपचार

भारत मे संक्रमण दुनियां की तुलना में नियंत्रण में


भारत सरकार,राज्य सरकारें, स्वास्थ्य विभाग,सफाई कर्मचारी,प्रशासनिक अधिकारियो की मेहनत  प्रशंसनीय।

फर्स्ट न्यूज़(17 मार्च 2020)

कोरोना वायरस ने पूरी दुनियां में दहशत का जो माहौल बनाया है उससे दुनियां  को एक बार फिर यह पता चल गया है कि मिसाइलों  टैंकों,बमों की ताकत  से दुनियां नही चलती...एक वायरस समूची दुनियां पर भारी पड़ सकता है।

कुदरत अर्थात ऊपर वाले(ईश्वर)की ताकत के सामने बड़ी से बड़ी टेक्नोलॉजी ,विज्ञान सब असहाय से हो जाते है और हमारे हाथ अपने आप उस कुदरती ताकत के सामने जुड़ जाते है।

जीवन युद्ध से नही बल्कि बुद्ध से ही शांतिपूर्ण रूप से चल सकता है। एक वायरस ने दुनियां को सीमाओं के आपसी द्वंद औऱ  हथियारों,टेक्नोलॉजी के अभिमान को भुला दिया है और अब पूरी दुनियां इस वायरस से निजात पाने के लिए एक होकर लड़ते दिख रही है।

चीन,अमेरिका, इटली,फ्रांस,ईरान में इसका सबसे अधिक घातक प्रभाव पड़ा है  क्योकि इसकी वैक्सीन किसी के पास नहीं है।यद्धपि कुछ खबरे इजराइल से आई थी कि वो वैक्सीन बनाने की तरफ अग्रसर हो रहा है।

एक  खबर अमेरिका से भी आ रही बताई जा रही है  कि वो  विश्व को वैक्सीन आने वाले दिनों में उपलब्ध करा सकता है।

यह खबर अगर सही है तो दुनियां के लिए आशाजनक है पर अभी तक तो सावधानी ही संक्रमण से बचने का उपाय है।

हमारी भारत सरकार व देश के सभी प्रांतीय सरकारों ने जिस तत्परता से कदम उठाए है तथा इतनी विशाल आबादी वाले देश मे जन जागरण अभियान चलाया है वो निश्चित रूप से सराहनीय है ।

प्रशासनिक अधिकारियों की मेहनत व हमारे डॉक्टर्स,नर्स,सहयोगी स्टाफ,व सफाई कर्मचारियों की सेवाओं की महत्ता आज पता चल रही है।इन सबकी मेहनत का ही फल है कि इतनी बड़ी आबादी के बाद भी संक्रमण की संख्या दुनियां के सामने  नियंत्रण में रही है। भारत की देव भूमि जिसमे  त्यागी,तपस्वी ,ऋषियों की साधना -आराधना रही है यह उसका भी आशीर्वाद हम सबको मिल रहा है।

इस संक्रमण को रोकने का सबसे बड़ा उपाय बाहरी तोर पर स्वच्छता की सावधानी है अर्थात हाथ बार बार मेडिकेटिड साबुन से नाखूनों तक धोए जाने चाहिए तथा हाथों को बार बार चेहरे विशेष कर आंख,नाक,मुंह तक लाने से बचना चाहिए इसके साथ साथ आपस मे मिलते वक्त शारीरिक दूरी भी रखनी चाहिए।

सर्दी  जुकाम या बुखार होने का अर्थ  यह नही है कि कोरोना ही हुआ हो वो सामान्य संक्रमण भी हो सकता है पर उस रोगी की देखभाल में आवश्यक सावधानी व दूरी बनाते हुए तुरन्त चिकित्सक को दिखाना चाहिए ताकि आवश्यक चिकित्सा तुरन्त मिल सके।

सबसे आवश्यक सरकार,प्रशासन ,डॉक्टर्स के दिये निर्देश की अनुपालना मन से होनी चाहिए इसमे कन्नी काटने की भूल किसी भी रूप में नही करनी चाहिए।

योग,आर्युवेदिक उपाय(अनुभवी चिकित्सक परामर्श)के साथ अगर आवश्यक हो तो किये जाने चाहिए। पर्यावरण की शुद्धता के लिए हवन,धूप ,दीप की महत्ता हमारे शास्त्रों में बताई गई है उसका भी उपयोग होना चाहिए।

संक्रमण न फैले इसका प्रयास सबको जागरूकता से अपने  अपने परिवेश में करना चाहिए।

कुछ आंतरिक उपाय जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते है उनका उपयोग करने की सलाह योग गुरु बाबा रामदेव के साथ अन्य विशेषज्ञ भी दे रहे है उनका प्रयोग आवश्यक दिशा निर्देश के साथ अगर किया जाता है तो  शरीर को वायरस से लड़ने की आंतरिक क्षमता प्राप्त हो सकती है ...






गिलोय धनवटी रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए विशेष कारगर बताई जा रही है इसका प्रयोग 1 गोली से 2 गोली  तक  आर्युवेद डॉक्टर के परामर्श अनुसार किया जा सकता है।

5 वर्ष से बड़े बच्चों के लिए  भी आधी गोली का प्रयोग किया जा सकता है ऐसा आर्युवेद विशेषज्ञ कहते है।

गिलोय जिसे अमृता भी कहते है वो भारत मे बहुलता से उपलब्ध है ।इसकी डंडियों को तोड़कर इसका काढ़ा बना कर उसमें अदरक,लौंग आदि मिलाकर उसका सेवन भी  अत्यंत लाभप्रद बताया गया  है।

गिलोय का चूर्ण,गिलोय जूस भी आर्युवेद उत्पाद के रूप में मिलते है उनका उपयोग भी  उचित परामर्श  के साथ किया जा सकता है।

गिलोय सर्दी,खांसी,जुकाम के साथ बुखार का भी शमन करता है।यह शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है जिससे शरीर के अंदर रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है और वायरस का हमला निष्फल हो सकता है।

गिलोय रक्तचाप को कम करता है तथा शर्करा स्तर को भी घटाता है इसलिए जिनका रक्तचाप कम रहता हो या शर्करा स्तर कम रहता हो उनको प्रयोग करने से पहले आर्युवेद विशेषज्ञ से विशेष परामर्श अवश्य लेना चाहिए ।


निम्बू के रस को गुनगुने पानी के साथ सेवन करना भी लाभदायक बताया जा रहा है यह भी वायरस को शरीर के अंदर तक नहीं पहुंचने देता यह जानकारों का मत है।


विशेषज्ञ  बताते है कि दाल चीनी का काढ़ा,उसमे अदरक,सोंठ,लौंग का समावेश  शरीर के रोग प्रतिरोधक स्तर को बढ़ा देता है जिससे  शरीर स्वयं कीटाणुओं से लड़ सकता है।


मुंह मे लौंग को रखते हुए चूसना भी लाभदायक बताया गया है अर्थात 1-2लौंग का सेवन भी लाभदायक बताया गया है इस तरह से कुछ घरेलू रसोई में रहने वाले उत्पाद भी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होते है और इनमें हल्दी का प्रयोग भी बहुत लाभदायक बताया गया है।


इन सबका प्रयोग उचित मात्रा में व आर्युवेदिक  विशेषज्ञ के निर्देश से ही किया जाना चाहिए क्योंकि इनकी प्रकृति  तीक्ष्ण,उष्म, शीतल से शरीर की प्रकृति का भी संतुलन होना चाहिए अन्यथा ये नुकसान भी कर सकते है।

कुल मिलाकर यह सच है कि समूची दुनियां के सामने कोरोना एक चुनोती के रूप में खड़ा है और पूरी दुनिया इसका निदान खोजने में लगी है...अब दुनियां को यह समझ आ जाये कि प्रगति मिसाइल,टैंक,हथियार बनाने की अपेक्षा जीवन को बचाने के लिए ही की जानी चाहिए ताकि ऐसी भयावह स्थिति फिर कभी न देखनी पड़े।

मोदी सरकार के स्वच्छता अभियान की महत्ता भी समझ मे सबको आएगी और सभी एक जुटता से इसे सफल बनाने में आगे बढ़ेंगे क्योकि स्वस्थता के आधार में स्वच्छता की अपनी अहम भूमिका है।


-संजय सनम

72780-27381

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