जन्मांग चक्र के एकादश भाव को जानिये

क्या आपकीं इच्छा पूर्ति होगी--यह एकादश भाव बताता है।



व्यक्ति के जन्मांग चक्र में एक से लेकर दशम भाव मे क्रमशः शरीर-व्यक्तित्व, वाणी- धन, पराक्रम- छोटे भाई बहन, माता- जमीन, प्रथम संतान व कला क्षेत्र, रोग- ऋण, शादी व साझेदार, बाधा- रहस्य, धर्म-उच्च शिक्षा, कर्म - स्टेटस तक आते आते अब उस भाव तक हम आ गए है जहाँ उसे लाभ भाव अर्थात इच्छा पूर्ति  का भाव कहा जाता है।
अर्थात आपके साथ होने वाली इच्छा पूर्ति की हर सुखद घटना कही न कही एकादश  भाव से जुड़ेगी अर्थात वो तब ही होगी जब एकादश भाव  उसको हरी झंडी दिखायेगा।
शादी तब ही होगी जब  सप्तम भाव के साथ उनके सहायक 2  औऱ 5 के बाद एकादश भी जुड़ेगा।अर्थात एकादश भाव का आना आपकीं उस इच्छा पूर्ति का पूरा होना है।
यह भी सही है कि अकेला एकादश भी तब तक कुछ  नहीं कर सकता जब तक ग्रह,नक्षत्र उस घटना के मूल भाव के कारक ग्रह को समाहित न कर ले व घटना को लक्ष्य तक पहुंचाने का वादा करने वाले सब लार्ड- सब सब लार्ड  उसको स्वीकृति न कर दे ।अगर एकादश नक्षत्र में भी अगर आ गया और आगे के स्तर पर उसको नकारने वाले भाव न आ जाये तो उस घटना का होना तय है पर उस वक्त गौचर की पोटली भी तैयार होनी चाहिए।
इस तरह एकादश भाव विभिन्न प्रकार के लाभ अर्थात आय का संकेत भी है यहां व्यक्ति कई प्रकार के कार्य से आमदनी प्राप्त करता है।
एकादश भाव बड़े भाई बहन का भाव भी है तो जातक को यहां से भी लाभ प्राप्त हो सकता है।

एकादश भाव मित्रों का भी है तो मित्र भी जातक की इच्छा पूर्ति के कारक व साधक हो सकते है।

एकादश भाव दशम अर्थात कर्म क्षेत्र का दूसरा भाव है अर्थात कर्म क्षेत्र का धन भाव है अर्थात व्यक्ति अपने कर्म क्षेत्र से धन कमाएगा ।

एकादश भाव खर्च अर्थात द्वादश का द्वादश है जिससे खर्च में कटौती करेगा- धन को बाहर जाने से रोकेगा अर्थात धन खर्च में कमी कहा जा सकता है।

अगर किसी के जन्मांग चक्र में दूसरे भाव का एकादश से जुड़ाव हो जाये तब धन संग्रह अर्थात बैंक बैलेंस अच्छा होगा।

तीसरे भाव से एकादश का जुड़ाव होने से छोटे भाई बहनों से लाभ, लेखन से लाभ,यात्राओं से लाभ कहा जा सकता है।
इसी प्रकार अगर दूसरे के साथ षष्ठम के साथ एकादश जुड़ जाए तब धन अपार होता है तथा व्यक्ति कानूनी मुकदमों से भी धन कमाता है।
कुल मिलाकर जन्मांग चक्र में एकादश भाव उस घटना की सफलता - असफलता को इंगित करता है।अगर पंचम भाव के साथ एकादश जुड़ जाए तो उस वक्त की दशाओं ,गोचर की अनुकूलता होने से  रोगी व्यक्ति के रोग मुक्ति की स्थिति बन जाती है।

- संजय सनम( ज्योतिष परामर्शक-7278027381)

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