क्रिकेट: इस विश्व कप के 5 बूढ़े शेर
अब एक बार फिर से दुनियां में क्रिकेट का बुखार क्रिकेट प्रेमियों को चढ़ने वाला है क्योकि क्रिकेट की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धा अर्थात विश्व कप के 12वें संस्करण का आयोजन इंग्लैंड-वेल्स की सरजमीं पर होने जा रहा है। इस बार टूर्नामेंट में विश्व की शीर्ष 10 टीमें हिस्सा लेने वाली हैं। राउंड रॉबिन फॉर्मेट में खेले जाने वाले इस विश्व कप में सभी टीमों को एक-दूसरे के खिलाफ खेलना होगा।
क्रिकेट खिलाड़ी एक विशेष उम्र तक ही टीम में रहते है एक उम्र के पड़ाव के बाद महान से महान क्रिकेटर को भी खुद को मैदान से अलग करते हुए सन्यास लेना पड़ता है।पर उम्रदराज क्रिकेट खिलाड़ियों का अनुभव मैदान में बहुत काम आता है और कुछ खिलाड़ी हर टीम में नायाब होते ही है।
इस आलेख में हम विश्व के उन 5 क्रिकेटर्स की बात करेंगे जो अगले वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा संभवतया नही होने पर उनका कलात्मक खेल इस विश्व कप में क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार बन सकता है।ये पांचों खिलाड़ी उम्र के उस मोड़ पर है जहां बूढ़े शेर की उपमा उन्हें दी जा सकती है क्योकि इस उम्र में भी उनके अपने अंदाज की दहाड़ खास है।
इस विश्व कप में 13 खिलाड़ी ऐसे हैं जो उम्र 35 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। एक की आयु 40 से भी ज्यादा है। इनमें हम उन खास 5 बूढ़े शेरो की बात करेंगे।
(1) शोयब मालिक
आइये सबसे पहले हमारे पड़ोसी देश चलते है अर्थात पाकिस्तान की बात करते है और वहां के दिग्गज ऑलराउंडर शोएब मलिक के आंकड़ों से इस विश्व कप में इस शेर की दहाड़ को आपकीं अपनी संभावनाओं से टटोलने का आपको आमंत्रण देते है।हरफनमौला शोयब ने अपने क्रिकेट करियर में कुल 282 मैच खेले हैं, जिसकी 252 पारियों में उन्होंने 35.12 की औसत से 7481 रन बनाए। 9 शतक और 44 अर्धशतक जमाने वाले इस अनुभवी खिलाड़ी के वन-डे करियर का उच्चतम स्कोर 149 भारत के खिलाफ रहा है अर्थात भारत को इनसे सावधान रहना ही होगा क्योकि इनका उच्चतम स्कोर भी भारत के सामने रहा है।
शोएब बल्लेबाजी के साथ-साथ अपनी सधी हुई चकमा देने वाली गेंदबाजी के लिए भी माने जाते हैं। उन्होंने 39.17 की औसत से 156 विकेट भी चटकाए हैं। अपना आखिरी विश्व कप खेल रहा यह खिलाड़ी पाकिस्तान को खिताब दिलाकर अच्छी विदाई चाहता है
(2) एमएस धोनी
चौकन्नी विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी तथा वक्त पर काम आने वाली गेंदबाजी अर्थात ट्रिपल इन वन के रूप में भारतीय क्रिकेट को अपनी कप्तानी में खास बुलंदी पर पहुंचाने वाले भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी अगुवाई में 2007 टी-20 विश्व कप 2011 विश्व कप को दिलाया था। इसके अलावा माही की ही कप्तानी में टीम वर्ल्ड कप 2015 में लगातार 6 मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंची थी।
धोनी आज भी भारतीय क्रिकेट की रीढ़ सरीखे है इनकी उपस्थिति सामने वाली टीम पर सीधा दबाब डालती है ।विपरीत परिस्थितियों में कभी कूल रहने वाले तो कभी आक्रामक होकर पैवेलियन से बीच मैदान पहुंचने वाले धोनी की दहाड़ अपने आप मे खास अंदाज रखती है।महेंद्र सिंह धोनी ने अपने करियर में कुल 341 वनडे मैचों में हिस्सा लिया है जिसकी 289 पारियों में 50.51 की औसत से उन्होंने 10500 रन बनाए हैं जिसमें 10 शतक और 71 अर्धशतक शामिल है। उन्होंने अपने वनडे करियर का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजी प्रदर्शन (183*) श्रीलंका के खिलाफ किया है।
धोनी वर्ल्ड कप में कुल 20 मैचों में हिस्सा ले चुके है तथा 17 मैचों में 42.25 की औसत से 507 रन बना चुके हैं जिसमें 3 अर्धशतक शामिल है। उन्होंने वर्ल्ड कप 2011 के फाइनल मैच में श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 91 रन बनाकर भारत को जीत दिलाई थी। यही वर्ल्ड कप में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है। श्रीलंका उनके इस प्रदर्शन को शायद अब तक भुला नही होगा।माही के करोड़ो चाहने वालों के लिए विश्वकप में माही को खेलते देखने का यह अंतिम अवसर लगता है ।
(3) मोहम्मद हफीज
अब एक बार फिर पड़ोसी देश पाकिस्तान से हरफनमौला मोहम्मद हफीज की बात करेंगे जो अभी यह आलेख लिखने तक अस्वस्थ बताए जा रहे है तथा यह कहा भी जा रहा है कि अगर वे निश्चित अवधि तक स्वस्थ हो जाते हैं तो वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा रहेंगे अन्यथा किसी दूसरे खिलाड़ी को टीम में शामिल किया जाएगा। पाकिस्तानी ऑलराउंडर मोहम्मद हफीज ने अपने वन-डे करियर में कुल 208 मैच खेले हैं जिसकी 206 पारियों में उन्होंने 32.99 की औसत से 6302 रन बनाए हैं जिसमें 11 शतक और 36 अर्धशतक शामिल है। इसके अलावा उन्होंने 37.50 की औसत से 137 विकेट भी चटकाए हैं।
मोहम्मद हफीज वर्ल्ड कप के 10 मैचों में हिस्सा ले चुके हैं जिसमें उन्होंने 25.55 की औसत से 230 रन बनाए हैं जिसमें एक अर्धशतक शामिल है। इसके अलावा उन्होंने 22.55 की ओर से 11 विकेट भी चटकाए हैं। पाकिस्तान का यह जख्मी शेर खतरनाक हो सकता है।
(4) क्रिस गेल
अब बात करेंगे वेस्ट इंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज यूनिवर्स बॉस क्रिस गेल पर जिनकी पिच पर उपस्थिति नामी गिरामी गेंदबाजों की लय व ताल बिगाड़ देती है और गेंदबाज विकट चटकाने से अधिक रन बचाने की कोशिश में लगे रहते है। गेल वेस्टइंडीज की ओर से अपना 5वां और आखिरी वर्ल्ड कप खेल रहे हैं। उन्होंने अपने क्रिकेट करियर में 289 वनडे मैच की 283 पारियों में 38.16 की औसत से 10151 बनाए हैं जिसमें 25 शतक और 51 अर्धशतक शामिल है। इसके अलावा उन्होंने गेंदबाजी करते हुए 35.43 की औसत से 165 विकेट भी चटकाए हैं।
क्रिस गेल ने वर्ल्ड कप के 26 मैचों में 37.76 की औसत से 944 रन बनाए हैं जिसमें 2 शतक और 4 अर्धशतक शामिल है। इसके अलावा उन्होंने 40.85 की औसत से 14 विकेट भी चटकाए हैं।धमाकेदार बल्लेबाजी, चतुर गेंदबाजी और चीते की तरफ फुर्ती वाला क्षेत्र रक्षण वेस्ट इंडीज के इस शेर का विश्वकप की पिच पर अब क्रिकेट प्रेमी आखिरी बार ही देखेंगे।
(5) इमरान ताहिर
आइये अब दक्षिण अफ्रीका चलते है और उस शेर की बात करते है जिसने IPL के 12वें सीजन में सर्वाधिक विकेट लेकर पर्पल कैप हासिल की थी।दक्षिण अफ्रीकी स्पिनर इमरान ताहिर तब क्रिकेट प्रेमियों की जुबान पर आ गए थे वो इस साल अपना अंतिम वर्ल्ड कप खेल रहे हैं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की ओर से 98 वनडे मैचों की 96 पारियों में 24.1 की औसत से 162 विकेट चटकाए हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 7/45 का रहा है।
आंकड़ों के हिसाब से इमरान ताहिर ने वर्ल्ड कप में 13 मैचों में 16.31 की औसत से 29 विकेट चटकाए हैं जबकि उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5/45 का है। बल्लेबाज को चकमा देने में माहिर इमरान ताहिर तीसरी बार वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रहे हैं -क्रिकेट प्रेमी इस स्पिनर की घूमती गेंदों को खुली आँखों से देखकर नायाब गेंदबाजी को दिल मे बसाना चाहेंगे।
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