तेरापंथ विशेष:सुराना ने दिया जवाब

 वो उनकी मनुहार नहीं  मेरे खिलाफ षड्यंत्र है....सुरेंद्र सुराना
श्री सुरेन्द्र सुराना के साथ सीधी बात..
उत्पीड़न का दर्द आक्रोश में ढल कर बोला...
मुझे बुलाने की नहीं बल्कि फसाने की साजिश है..
सुराना ने अतीत के वे कड़वे पृष्ठ खोले...
समाज के कुछ नामचीन लोगों ने दी थी उस वक्त धमकियां..
उनके कार्य क्षेत्रों को बंद करने की हुई थी उन  लोगों की पूरी कोशिश..
आयकर की रेड डलवाई गई...
सुराना ने कहा...उनकी जगह अगर कोई दूसरा होता तो अब तक आत्महत्या ही कर लेता .
उनकी माता श्री से 3 दिन तक साधु संतो की गौचरी नहीं ली गई..
मेरा गुनाह क्या था!
क्या लोकतांत्रिक रूप से चुनाव जीतना ही मेरा गुनाह था..
मेरे साथ वादा खिलाफी हुई.. श्री सुराना के गंभीर आरोप...
सुनिए इस वीडियो में....सुराना से सीधी बात...
इस लिंक को क्लिक करके वीडियो को पूरा सुनिए
नोट:इस वीडियो क्लिप में श्री सुरेन्द्र सुराना की अभिव्यक्ति में किसी भी पक्ष के लिए आए हुए अशालीन शब्दावली का हम समर्थन नहीं करते।हमने हर संभव कोशिश से उन शब्दों को इस वीडियो में नही रखने की कवायद की है पर कुछ शब्द साक्षात्कार का हिस्सा फिर भी बने हो सकते है।किसी भी पक्ष को अगर इनसे दुख पहुंचा हो तब हम सविनय क्षमा चाहते है।
श्री सुराना जी के साथ अतीत में हुई सामाजिक,आध्यात्मिक पटल के माध्यम से हुई घटनाएं निश्चित रूप से निंदनीय है हम इन घटनाओं का भी किसी भी रूप में समर्थन नहीं करते और घोर निन्दा करते है।
हम श्री सुराना के दर्द और आक्रोश के साथ है पर अशालीन शब्दावली का समर्थन नहीं करते।
साभार।
संजय सनम

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