बाबा को बिना कपड़ो में भी महिलाएं क्यों अच्छी लगती है!
साभार:सोशल मीडिया
योग गुरु बाबा रामदेव के बिगड़े बोल
महिलाओं के परिधान पर बाबा की विवादित टिप्पणी
बाबा सलवार और साड़ी के परिधान की तुलना करते हुए यह क्या बोल गए
बाबा के बयान पर विरोध के स्वर उठे
महिला आयोग ने बाबा को नोटिस दिया
क्या योग गुरु योग से अब भोग की तरफ जा रहे है..
फर्स्ट न्यूज(संजय सनम)
महाराष्ट्र के ठाणे में आयोजित एक कार्यक्रम में योग गुरु बाबा रामदेव के महिलाओं के परिधान को लेकर दी गई आपत्तिजनक टिप्पणी से बाबा के खिलाफ विरोध के स्वर बुलंद हो गए है।
बाबा रामदेव का यह बयान कि महिलाएं साड़ी में भी अच्छी लगती है सलवार कमीज पहनकर भी अच्छी लगती है और मेरी राय में बिना कुछ पहन कर भी अच्छी लगती है।
इस आलेख के साथ इस लिंक को क्लिक करके वीडियो भी सुन सकते है..https://youtu.be/pkzBUoO8SM8
बाबा के इस आपत्तिजनक बयान से बाबा सुर्खियों में तो आए है पर लोग बाबा से अब यह भी पूछ सकते है कि भारतीय संस्कृति की दुहाई देने वाले बाबा भला महिलाओं के सम्मान पर चोट करने से पहले क्या अपनी वो दुहाई भी भूल गए।क्या बाबा यह भी भूल गए कि हमारी भारतीय संस्कृति में महिलाओं का सम्मान कितना है! अब इस देश में महिलाओं को बिना कपड़ो में आखिर क्यों चाहते है बाबा!
इस वीडियो में एक खास सवाल सिर्फ 50 सेकंड में आप समझिए..
बिना कपड़ो की महिलाएं बाबा को भला क्यों अच्छी लगती है!क्या योग बाबा अब योग से भोग की तरफ चले जा रहे है।
महिलाओं पर योग गुरु की अभद्र टिप्पणी का विरोध सामाजिक और राजनीतिक दोनो मंचो पर जोरदार तरीके से हो रहा है।
राजनीतिक रूप से अगर बात की जाए तो कांग्रेस, TMC के अलावा दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल ने भी उनके बयान को आपत्तिजनक करार देते हुए उनसे माफी मांगने की मांग की है.
स्वाती मालीवाल ने बाबा रामदेव का कार्यक्रम वाला वीडियो शेयर करते हुए लिखा, 'महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री जी की पत्नी श्रीमती अमृता फडणवीस के सामने स्वामी रामदेव द्वारा महिलाओं पर की गई टिप्पणी अमर्यादित और निंदनीय है. इस बयान से सभी महिलाएं आहत हुई हैं, बाबा रामदेव जी को इस बयान पर देश से माफी मांगनी चाहिए.'
बाबा के इस विवादित बयान के बाद अन्ना आंदोलन के समय में रामलीला मैदान से बाबा ने महिलाओं के कपड़े पहनकर पुलिस को चकमा देने वाली घटनाओं को भी अब सियासत के लोग याद कर रहे है
तृणमूल कांग्रेस (TMC) से सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि अब उन्हें पता चला कि बाबा रामदेव रामलीला मैदान से महिलाओं के वेश में क्यों भागे थे.
आंध्र प्रदेश महिला समाख्या ने भी बाबा रामदेव के बयान पर विरोध दर्ज कराया. वहीं, महाराष्ट्र के चंद्रपुर में जिला महिला कांग्रेस ने बाबा रामदेव के खिलाफ प्रदर्शन किया. जिलाधिकारी कार्यालय के सामने महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओ ने बाबा रामदेव के बयान का विरोध करते हुए उनसे माफी मांगने की मांग की. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर रामदेव माफी नहीं मांगते हैं तो तीव्र आंदोलन किया जाएगा.
अब बाबा सफाई में क्या कहेंगे यह अधिक महत्वपूर्ण नही है क्योंकि बाबा की टिप्पणी खुले शब्दों में बाबा की मानसिक सोच का खुलासा कर रही है जो न सिर्फ अमर्यादित बल्कि समाज सुधारक की भूमिका पर भी सवाल उठा रही है।
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