भाजपा अब इस विकल्प पर विचार कर रही है!

अब भाजपा ज्योतिरादित्य सिंधिया के फार्मूले पर....

महाराष्ट्र में चल रहे सियासती संकट में भाजपा अपनी सरकार बनाने की समस्त रणनीतियों पर गंभीरता से विचार करने  लग गई है पर नियमो की पेचीदगी की वजह से शिंदे गुट दो तिहाई बहुमत होने के बाद भी शिव सेना पार्टी को अपने अधिकार में लेने के लिए क्वालीफाई अभी भी नही कर पा रहे है इसलिए यहां भाजपा मध्यप्रदेश वाले फॉर्मूला का प्रयोग कर सकती है।सोशल मीडिया में इस बात की चर्चा है।


महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट के बीच सरकार बनाने की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि बीजेपी के पास प्लान-बी है, जिसके सहारे मध्य-प्रदेश की कमलनाथ की सरकार गिर गई थी।

सभी बागी विधायकों का इस्तीफा दिला सकती है भाजपा
मध्य प्रदेश में जिस तरह कांग्रेस के विधायकों ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में पार्टी और विधायकी से इस्तीफा देकर कमलनाथ की सरकार को गिरा दिया था, ठीक उसी तरह महाराष्ट्र में शिवसेना के बागी विधायक भी कर सकते हैं। उनके इस कदम से महा विकास अघाड़ी की सरकार अल्पमत में आ जाएगी और विधानसभा में बहुमत साबित नहीं कर पाएगी। बीजेपी के पास सरकार बनाने का दावा पेश करने का मौका होगा। महाराष्ट्र में उपचुनाव की नौबत आएगी और बीजेपी की तब यह कोशिश होगी कि इनमें से अधिकांश चुनाव जीतकर सदन में आएं।

एकनाथ शिंदे का दावा है कि उनके पास करीब 50 विधायक है उनमें से करीब 40 विधायक शिवसेना के है।

संख्या का जोर एकनाथ शिंदे के पास शानदार है पर शिवसेना पार्टी को अपने नाम करने जैसा फिर भी नही है।

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