यादों क़े झरोखे से
सुगालचन्द जैन
चेन्नई, तमिलनाडु
भारत में बिहार सहित अनेक राज्यों में हनुमान जी को महावीर के नाम से भी जाना जाता है|
पटना रेलवे स्टेशन के सामने हनुमानजी का एक भव्य मन्दिर है| जहाँ प्रतिदिन हजारों की संख्या में दर्शनार्थी दर्शन हेतु पधारते हैं एवं अपनी-अपनी श्रद्धानुसार मंदिर में चढ़ावा चढ़ाकर मंदिर की दान-पेटी रुपये-पैसे से भरते हैं|
एक सेवानिवृत IPS डॉ. किशोर कुनाल जी ने विचार किया कि क्यों न भक्तों द्वारा भगवान को अर्पित इस धन का उपयोग समाज-सेवा के लिए किया जाये| अतः डॉ. किशोर कुनाल ने इस सन्दर्भ में मन्दिर के न्यासियों से विचार-विमर्श कर धन के सदुपयोग हेतु मार्ग निकालने का निर्णय लिया|
विचार-विमर्श के पश्चात सर्वसम्मति निर्णय लिया गया कि मन्दिर में प्राप्त दान, चढ़ावे एवं दान-पेटी से प्राप्त धन का सदुपयोग मानव-सेवा के पुण्य कार्य के लिए करना चाहिए|
अतः मंदिर के रख-रखाव, पूजा-अर्चना एवं अन्य खर्च के पश्चात शेष धनराशि का उपयोग अस्पताल निर्माण, आर्थिक दृष्टि से कमजोर विद्यार्थियों को छात्रवृति, बीमारी के ईलाज, श्रद्धालुओं हेतु निशुल्क भोजन आदि के लिए व्यय करने का निर्णय लिया गया|
इस प्रकार जब यह बीड़ा डॉ.किशोर कुनाल जी द्वारा उठाया गया तो पटना महावीर मंदिर से प्राप्त धनराशि से पटना में:-
1 महावीर केंसर इंस्टीट्यूट (18 वर्ष तक की उम्र के सभी कैन्सर मरीज़ों का निशुल्क ईलाज)2 महावीर नेत्रालय
3 महावीर वात्सल्य4 महावीर आरोग्य संस्थान
5 महावीर हार्ट हॉस्पिटल6 राघव आरोग्य मंदिर (अयोध्या प्रशासन के आमंत्रण पर निर्माण किया जा रहा है)
7 सीतामढ़ी व अयोध्या में सभी बाहरी तीर्थ यात्रियों हेतु निःशुल्क शुद्ध-सात्विक भोजन की व्यवस्था|
इस प्रकार पटना महावीर मन्दिर में चढ़ावे आदि से प्राप्त धनराशि का उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा, भोजन आदि के लिए किया जा रहा है| धर्म के माध्यम से संचालित यह स्वास्थ्य एवं सामाजिक संस्थाएं समाज के लिए प्रतिबद्ध होकर अपना कार्य कर रही है| एवं डॉ. किशोर कुनाल जी ने जो बीड़ा उठाया वह निसंदेह सफल रहा|
यदि इसी तरह भारतवर्ष के मंदिर अपनी धनराशी को जमा नहीं करके वापस जनता-जनार्दन की सेवा में खर्च करेंगे तो कोई धन के अभाव में शिक्षा एवं ईलाज से वंचित नहीं रहेगा| अतः मेरा सभी मंदिर न्यासियों से करबद्ध निवेदन है कि वे मंदिरों में धन इक्कठा कर चोर-लुटेरों एवं आतंकियों को न्योता नहीं देंवे| अपितु इस विषय पर अवश्य विचार मंथन कर धन का सदुपयोग करने का विचार करें|
डॉ. किशोर कुनाल जी का मानव-समाज के प्रति समर्पण एवं योगदान को देखते हुए भगवान महावीर फाउंडेशन के द्वारा वर्ष 2011 में भगवान महावीर अवार्ड्स से अलंकृत किया गया| डॉ. किशोर कुनाल जी को यह अवार्ड राष्ट्रपति भवन, दिल्ली में तत्कालीन महामहीम राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल के करकमलों द्वारा प्रशस्ति प्रमाण-पत्र, भगवान महावीर की प्रतिमा एवं चेक प्रदान कर किया गया था|
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