जैन धर्म की मर्यादा में क्षमा याचना व जीवो के कल्याण की भावना अपने आप में अनूठी है।
सोशल मीडिया से कोलकाता की निशा बेद जी के द्वारा भेजी गई इस पोस्ट के इस पत्र को पढ़िए...
कोरोना के जीवो से पूर्व जन्मों में हुई किसी भी प्रकार की भूल के लिए न सिर्फ कोरोना वायरस के जीवो से क्षमायाचना मांगी गई है बल्कि उनसे निवेदन किया गया है कि वे कृपया कर उस स्थान में चले जाए जहां न तो उनको कोई कष्ट पहुंचा सके और न ही उनसे किसी को कष्ट हो।
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इतना ही नहीं उसके बाद इन जीवो के कल्याण की मंगल कामना की गई है।इस पत्र को पढ़िए और भावों को समझिए..
फोटो साभार सोशल मीडिया
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