ज्योतिष की नजर में गुरु ग्रह का सोने की रप्तार पर प्रभाव ।

आखिर कब तक गिरेगा सोना!

गुरु ग्रह की भूमिका का कितना प्रभाव...!

ज्योतिष की नजर में सोने की रप्तार!

फर्स्ट न्यूज :संजय सनम
फोटो: साभार सोशल मीडिया

जिस तरह से सोने और चांदी के भावों में निरंतर गिरावट के हर दिन भाव आ रहे है उससे निवेशकों के मन में एक सवाल है कि जब कोरोना संकट के समय शेयर बाजार लगातार शुरुआती दौर में गिर रहा था तब सोने की चमक हर दिन बढ़ रही थी और सबसे अधिक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने ने अपना विश्वास और मजबूत किया था।

फिर जैसे ही वेक्सिन के क्षेत्र में खोज अपने मुकाम पर पहुंचने लगी तब शेयर बाजार ने अपनी उड़ान भरनी शुरू की और सोने की चमक फीकी पड़ने लगी और अब 57हजार के मुकाम से लुढ़कते लुढ़कते करीब 44 तक आ गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे दुनियाभर में कोरोना वैक्‍सीनेशन का अभियान रफ्तार पकड़ रहा है, वैसे-वैसे लोग दूसरे निवेश विकल्‍पों का रुख कर रहे हैं. इससे सोने के दामों में गिरावट हुई है. 


सोने के दाम (Gold Prices) 7 अगस्‍त 2020 के सर्वोच्‍च स्‍तर से अब तक 13,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्‍यादा घट चुके हैं. वहीं, चांदी भी 13 हजार रुपये प्रति किग्रा (Silver Price) से ज्‍यादा गिर चुकी है।

कीमती पीली धातु के दाम 7 अगस्‍त 2020 के भाव से शुक्रवार 5 मार्च 2021 तक 13,121 रुपये की गिरावट के साथ 43,887 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गए हैं. वहीं, चांदी 7 अगस्‍त 2020 को 77,840 रुपये प्रति किग्रा पर थी, जो बीते शुक्रवार को 13,035 रुपये कम होकर 64,805 रुपये पर पहुंच गई है.

ये आंकड़े जो सोशल मीडिया से मिले है यह निवेशकों के मन को दूसरे विकल्प की तरह जाने को मजबूर भी कर सकते है।

अब तकनीकी पक्ष लाख हो सकते है जो शेयर बाजार व सोना बाजार के विभिन्न पहलुओं से तेजी मंदी बताए पर ज्योतिष पक्ष की बात मैंने कुछ दिन पहले भी आपको बताई थी और वो साफ थी....फिर से पढ़िए और भावों की गति को जांच करके देखिए...

सोने का कारक ग्रह गुरु महाराज अभी कहां संचरण कर रहे है....शनि की राशि मकर में.....अब शनि की राशि में जब तक गुरु महाराज सीधी  गति से चलेंगे तब तक मेरे अनुमान से सोने में तेजी नहीं आने देगे।

अभी मकर राशि में शनि महाराज खुद भी गौचर में गुरु महाराज के साथ है इसलिए  मंदी की संभावना को ही गति मिल रही है।

अब कुछ तेजी का खेल इन दोनो ग्रह के वक्रीय होने से  होता है वो पंचांग में आपको देखना पड़ेगा ।

अभी शनि महाराज चंद्रमा के नक्षत्र में है इसलिए चंद्रमा प्रधान  सफेद वस्तुओ में भी मंदी रहने की संभावना रहनी चाहिए।

गुरु महाराज अभी मंगल के नक्षत्र में है इसलिए तांबा, और मंगल से संबंधित वस्तुओ में कुछ गति आ भी सकती है पर शनि की राशि में गुरु का संचरण विशेष तेजी को बल नहीं दे रहा।

तब सोने में तेजी कब आ सकती है!
यह सवाल इस व्यवसाय से जुड़े व निवेशकों के मन में हो ही सकता है।
मेरा ज्योतिष विवेचन कहता है जब गुरु ग्रह कुंभ राशि में गुरु के नक्षत्र में संचरण करेगा तब हम एक उछाल की उम्मीद कर सकते है इससे पहले कुंभ राशि में जब राहु के नक्षत्र में संचरण करेगा तब अप्रत्याशित उछाल और गिरावट अर्थात असमंजस का बाजार रहेगा।
चांदी में स्थिरता शनि महाराज के चंद्रमा के नक्षत्र से बाहर निकलने के बाद अर्थात मंगल के नक्षत्र में प्रवेश करने के बाद आ सकती है पर उस वक्त मंगल प्रधान अर्थात तांबे की धातु में गिरावट की संभावना बन सकती है।
गुरु जब मीन राशि में प्रवेश करेगा तब सोने में स्थिरता के साथ चढ़ाव की स्थिति दिख सकती है।
अभी सोने में गिरावट के संकेत भी है और तेजी की संभावना तब तक नहीं दिखती जब तक शनि,या गुरु वक्रीय चाल में न आ जाए।

यह आलेख मेरे ज्योतिष अनुभव व अनुमान से दिया गया है किसी भी प्रकार की कोई गारंटी नहीं है इसलिए निवेश अपने विवेक  से करे।किसी भी प्रकार के हानि लाभ के लिए मेरा ज्योतिष विवेचन जिम्मेदार नहीं होगा।

संजय सनम
संपादक फर्स्ट न्यूज
ज्योतिष परामर्शक
7278027381

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