फर्स्ट न्यूज(संजय सनम)
जैन समाज का सत्याग्रह रंग लाया....4 दिन से अनशन पर बैठे जैन समाज संयुक्त मोर्चा के संयोजक श्री पूनम चंद भंडारी की मुहिम सफल हुई..
जैन समाज के जन प्रतिनिधियों ने अपने अपने क्षेत्र से सरकार पर दबाव बनाया।
अल्पसंख्यक विभाग के जैन पदाधिकारियों ने अपनी भूमिका निभाई...
*जैन समुदाय के हितों को आंच पहुंचे ऐसे फैसलों से सरकारों को बचना चाहिए- ललित गांधी*
-------------------------------------- *रीट परीक्षा की तिथि परिवर्तन हेतु राजस्थान सरकार को दिया धन्यवाद.*
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कोल्हापुर 27 मार्च 2021
जैन समुदाय के भारी एतराज के चलते राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने 25 अप्रेल महावीर जयंती पर आयोजित होने वाली राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) के फैसले को वापस ले लिया है, राजस्थान सरकार शीघ्र ही परीक्षा की नई तारीख का एलान करेगी। ऑल इंडिया जैन माइनॉरिटी फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ललित गांधी ने सरकार के इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये 'देर आयद दुरस्त आयद' जैसा है अतः तमाम राज्य सरकारों व केंद्र सरकार को कोई निर्णय लेते समय जैन हितों का पूर्ण ध्यान रखना व जैन धर्मावलंबियों की भावनाओं की कदर अवश्य करना चाहिए। सरकारों को ऐसे फैसले लेते समय दूरदर्शिता बरतनी चाहिए व अपने विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए। ये उल्लेखनीय है कि राजस्थान सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए जैन अल्पसंख्याक फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललित गांधीने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जैन समाज की नाराजी व्यक्त करते हुए परीक्षा की तारीख मे परिवर्तन करने की माँग का निवेदन प्रेषित किया था! जैन अल्पसंख्याक फेडरेशन के अनुरोध पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शिक्षण संस्था आयोग के अध्यक्ष जस्टीज श्री एन. के. जैन तथा राष्ट्रीय अल्प संख्यक आयोग के उपाध्यक्ष श्री अतिप रशीद आदि ने पुरजोर विरोध किया था, राजस्थान सरकार के इस फैसले का 'अखिल भारतीय अल्पसंख्यक महासंघ" की राजस्थान प्रांतीय एकाई के अध्यक्ष श्री विमल रांका ने कड़ा एतराज जताया था। जैन अल्पसंख्याक फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ललित गांधी ने इस फैसले के विरोध में अपनी आवाज मुखरित करने वाले तमाम जैन अग्रणियों व हितचिंतकों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। श्री ललित गांधी ने जैन समाज के राजस्थान सरकार में मंत्री श्री प्रमोद जैन भाया के प्रति भी आभार प्रकट किया" जिन्होंने अखिल भारतीय जैन अल्पसंख्यक महासंघ द्वारा प्रकट किए गए एतराज को सरकार तक पहुंचाया।
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