फर्स्ट न्यूज :संजय सनम
ममता मोदी की नजर इस संप्रदाय पर विशेष...अन्य पार्टियां भी मतुआ संप्रदाय को नजर अंदाज नहीं करते।
पूर्वी पाकिस्तान से आए अधिकांश लोग इस संप्रदाय में है इनकी प्रमुख मांग भारत की नागरिकता।
भाजपा यह विश्वास इनको दिलाने में कामयाब पर ममता एन आर सी का डर इनको दिखा कर अपनी मुहिम को दोनो तरफ से चलाने की कोशिश कर रही है।
करीब 3करोड़ मतदाता इस संप्रदाय से आते है....एक मुश्त पड़े वोट सियासत का समीकरण बदल देते है।
भाजपा व ममता ने इस संप्रदाय से अपने नेता खड़े कर रखे है जिससे वोट बंटने की संभावना।
मतुआ संप्रदाय में अधिकांश हिंदू इसलिए भाजपा को अधिक लाभ मिलने की संभावना।
बंगाल की 294 सीट में से करीब 70 सीट पर है इनका प्रभाव।
उत्तर बंगाल की अधिकतम सीट इस संप्रदाय के प्रभाव में है।
यह संप्रदाय 2021 के चुनाव में अपना विशेष प्रभाव समीकरण उलटने में दिखाएगा! ममता के अल्पसंख्यक समीकरण के जवाब में भाजपा इसको साधने की कोशिश कर रही है।
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