अपने खून पसीने और आंसुओं की वजह से यहां तक पहुंची हूं:मिस इंडिया रनर अप मान्या सिंह

ऑटो रिक्शा वाले की बेटी मिस इंडिया रनर अप बनी
मां ने मेरी पढ़ाई के लिए गहने गिरवी रखे
दिन में पढ़ाई,शाम को बरतन धोने ,रात को काल सेंटर में काम करने का कठिन संघर्ष।

फर्स्ट न्यूज कार्यालय डेस्क:
फोटो:साभार सोशल मीडिया

अगर आंखों में सपनों की उड़ान हो और उन सपनों को पूरा करने की इच्छाशक्ति का कमाल हो तब एक ऑटो रिक्शा चालक की बेटी साधारण से असाधारण बन सकती है।कुछ ऐसी ही कहानी मान्या सिंह की सोशल मीडिया में प्रेरणा बन रही है।
वीएलसीसी की ओर से प्रायोजित साल 2020 की मिस इंडिया की घोषणा की जा चुकी है। जिसमे मिस इंडिया बनी हैं तेलंगाना की मानसा वाराणसी। वहीं मिस इंडिया के साथ ही फर्स्ट रनर अप रहीं मान्या सिंह की खूब चर्चा हो रही है। शून्य से लेकर शिखर तक कठिन सफर तय करने की कहानी मान्या ने खुद सोशल मीडिया पर साझा की है। 
मान्या ने खुद अपने संघर्ष से उत्कर्ष की कहानी सोशल मीडिया में सांझा करते हुए लिखा है कि मैंने खाने और नींद के बिना कई रातें बिताई हैं। मैं कई मील पैदल चलती थी ताकि रिक्शा के पैसे बचा सकूं। मेरे खून, पसीने और आंसुओं की बदौलत मैंने अपने सपने को पूरा किया है। ऑटोरिक्शा वाले की बेटी होने की वजह से जल्दी ही मेरा स्कूल छूट गया और मुझे कम उम्र में ही काम की तलाश करनी पड़ी। मान्या की यह कहानी करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरक बन रही है जो संघर्ष के तूफान को देख कर अपना विश्वास,हिम्मत खो देते है।

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