पर्युषण का संदेश--मन मे न रहे क्लेश

आज जैन धर्म का पर्युषण पर्व...मन के राग द्वेष के विकारों को साफ करके साफ ह्रदय से क्षमा लेने व देने की परिपाटी...
भगवान महावीर के जिओं और जीने दो..का स्पष्ठ उपदेश...वर्ष भर के सफर में मन मे आई राग द्वेष की मलीनता को साफ करके सबके प्रति सद्भाव,प्रेम रखने का संदेश।
सिर्फ दिखावे के हाथ जोड़ने से इस पर्व की हम औपचारिकता ही निभाते है अगर हम दिल से दिल मिला नहीं पाते है।
इसलिए सामाजिक दिखावे की औपचारिकता से ऊपर हट कर मन की गहराई से एक दूजे के कड़वे वचन भूलने का पर्व है....एक दूजे की खामी को क्षमा करने का दिन है।
अगर हम दिल से इस पर्व को मनाते है तब दिल की आंतरिक गहराई से मन की पवित्रता का संदेश पहुंचता है और तब ही वास्तविक रूप में यह पर्व सार्थक होता है।
मिच्छामि दुक्कड़म यह सिर्फ शब्द नहीं..यह ह्रदय की गहराई की आवाज  है....हम क्या इसका प्रयोग लोक दिखावटी तो नहीं कर रहे!
अगर किसी को हमारा ह्रदय माफ नहीं कर पा रहा तो दिखावटी ख़मत खामना तो नहीं कर रहे!
इस महान पर्व के दर्शन को समझने की जरूरत है पर हम क्या दर्शन की जगह प्रदर्शन तो नहीं कर रहे।
आज हाथ जोड़कर मांग ली माफ़ी और कल से प्रहार की योजना तो नहीं बना रहे!
अगर हमने अपने पर्वो की महत्ता को दिल से समझा होता और दिमाग से अनुसरण नहीं किया होता तो आज हमारे बीच तकरार और टकराहट की कोई वजह भी  शायद नहीं होती।
पर हम औपचारिकता निभाते आये है इसलिए क्षमा याचना के संदेशों से व्हाट्सअप भरते है पर उसके बावजूद रंजिशों से दिल नहीं भरते।
हाथ तो जुड़ते दिखते है पर दिल जुड़ते नहीं दिखते...
मैं दिल से दिल को जोड़ने का अनुरोध करता हूँ।
अगर मुझसे कोई भूल हुई है तो न सिर्फ मुझे माफ़ करे बल्कि भूल को बताए भी ताकि भविष्यत उसकी पुनरावर्ती न हो।
अगर आपने कोई गलती की है तो आप स्वयं आत्म चिंतन से उसमे सुधार करे.... मुझसे माफी मांगने की आवश्यकता नहीं है...अगर भविष्य में आपने  मेरा दिल न दुखाया तो मेरा दिल स्वतः आपको माफ कर देगा।
गलती की पुनरावर्ती क्षमा मांगने के बाद बड़ा अपराध है...हम अक्सर यही कर रहे है।
आज का दिन भगवान गणेश जी के साथ भी जुड़ कर सुख,सौभाग्य,बुद्धि,विवेक के दरवाजे खोल रहा है।
हम सब विघ्नहर्ता का आशीष ले औऱ पर्युषण की गरिमा का पालन करे।
मन की पवित्रता को सुनिश्चित करें...तभी इस पर्व की सार्थकता होगी।
पर्युषण पर्व की परंपरा व मर्यादा के तहत आप सब से सपरिवार क्षमा याचना व गणेश चतुर्थी की अनंत शुभ मंगल कामनाएं।
निवेदक-
संजय सनम
संपादक-फर्स्ट न्यूज़
संपर्क-72780 27381

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