बेटी बचाओ..बेटी पढ़ाओ के साथ शराब हटाओ ।

देश भर में शराब बन्दी लागू हो।

व्यभिचार की घटनाओं में शराब जिम्मेदार।

https://youtu.be/9obM40kfqxM

दिल्ली की निर्भया के बाद हैदराबाद की प्रियंका कांड...और भी न जाने भीतर ही भीतर कितनी महिलाओं के साथ क्या क्या हो जाता है उनकी खबर ही नहीं आती।

जब जब कोई ऐसी दुर्घटना होती है तब हमारे भीतर से आग का ज्वालामुखी सा फटता है और हम निकल आते है सड़कों पर अपना विरोध व्यक्त करने के लिए....उस वक़्त सरकार,प्रशासन,न्यायपालिका, हमारे निशाने पर होते है क्योंकि नियम कानून और उनका परिचालन व व्यवस्था की जिम्मेदारी उनके ही हाथ में होती है इसलिए कठघरे में उनको खड़े करना हमारा अधिकार भी बनता है पर इतना चीखने,चिल्लाने ,धरने प्रदर्शन करने के बाद भी सब कुछ ऐसे ही चलता है...अगर कुछ बदल जाता तो दिल्ली की निर्भया के बाद हैदराबाद की प्रियंका के साथ यह घटना न हुई होती।

हमारा आक्रोश यह जताता है कि हम संवेदनशील है पर यह वेदना का निदान नहीं होता...

इस जघन्य घटना के बाद इतने दिन मैंने कुछ नहीं लिखा...क्योंकि घटनाचक्र बताने की आवश्यकता प्रतीत नहीं हुई...और जन आक्रोश बता देने या फिर प्रशासन,सरकार को कोस देने से भी लेखकीय मन को संतुष्टि नहीं मिल सकती पर कल  कम्प्यूटर क्षेत्र में  अपनी खास पहचान  कोलकाता महानगर में रखने वाले  व फर्स्ट न्यूज पाक्षिक के प्रबन्धक श्री अनिल जैन से बात चीत करते हुए उनके एक वाक्य से जैसे इन घटनाओं की उत्पत्ति का कारण मिल गया...

श्री अनिल जैन ने जब यह कहा कि अब सोचने की दरकार यह है कि ये घटनाएं आखिर होती क्यों है!

शराब इन पापों की मूल जड़ है ...आप रिकॉर्ड उठा कर देख लीजिए कि इन घटनाओं के साथ शराब का नशा जुड़ा है जो किसी भी व्यक्ति की सोच को ही ख़तम कर देती है फिर उस  व्यक्ति को क्या सही है...क्या गलत है यह पता ही कहा रहता है।

इन घटनाओं को रोकने के लिए शराब को बन्द करना होगा ।

अब आंदोलन शराब बन्दी का कीजिए ..जैसे बिहार में हुआ था और बिहार की सरकार ने यह हिम्मत भी दिखाई है।वहां अपराध दर में कमी भी आईं है जबकि चोरी चुपके शराब चल रही है फिर भी बिहार की इस शुरुआत को देश में लागू करवाने की तरफ जनता को सड़कों पर आना चाहिए।

अनिल जैन का यह सुझाव ऐसी जघन्य घटनाओं के कारणों को कम करने का एक ठोस कारण लगता है और ऐसे और भी कारणों को खोज कर उन कारणों को ही मिटाने का प्रयास अगर होता है तब फिर कोई निर्भया,प्रियंका कांड की दर्द भरी चीत्कारों से भविष्य को हम बचा सकते है।

इसलिए शराब का विरोध करने के लिए सड़कों पर  आइए क्योंकि शराब न सिर्फ स्वास्थ्य व परिवार को खराब कर रही है बल्कि समाज की संस्कृति व संस्कारों के साथ भी बलात्कार कर रही है।

कानून कड़े हो और तुरन्त खड़े हो अर्थात इन घटनाओं में 72घंटे के अंदर दोषियों को वो सजा देने का प्रावधान हो जिसको देख,सुन कर लोगो की रूह कांप जाए और कोई इस तरह की करतूत करने की कभी सोच भी न सके।


सियासत वाले शराब सहित अन्य कारणों को खतम करने के लिए एक हो....न तो वोट बैंक को देखे और न ही शराब से आने वाले राजस्व की लालच में पड़े।


रोग के कारणों को पकड़ने से निदान सही हो सकता है अब  ठोस कदमों के साथ समाज,सरकार आगे आए अगर वास्तव में नारी शक्ति के सम्मान को सुरक्षित करना चाहते है।


अब बेटी बचाओ.....बेटी पढ़ाओ के साथ शराब हटाओ की गूंज उठनी चाहिए।


संजय सनम
7278027381

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