कटक मारवाड़ी समाज का रंग बदलता चुनाव:

किशन मोदी के एक बयान ने कर दिया कमाल।

दिल से दिया बयान दिलो तक चला गया...बाजी पलटने का  सा खेल...

-फर्स्ट न्यूज़

कटक मारवाड़ी समाज के चुनाव जबरदस्त चर्चा में है और अंदाज बिल्कुल  ऐसा है जैसे विधानसभा के प्रत्याशी चुनावी दंगल में है। प्रतिष्ठा की लड़ाई में श्री नथमल चेनानी  उर्फ मामा जी व श्री किशन मोदी के बीच  यह रोमांचक जंग बताई जा रही है।

कुछ दिन पूर्व तक इस रेस में मामा जी की स्थिति इक तरफा दिख रही थी...बीच मे कुछ ऐसा भी सुनने में आया था कि श्री किशन मोदी मैदान से हट सकते है अर्थात मामा जी की जीत लगभग तय मानी जा रही थी।

कटक मारवाड़ी समाज के चुनावों के बदलते घटनाक्रमों को हम अपने यु ट्यूब चेनल डिजिटल फर्स्ट न्यूज़ के माध्यम से साक्षात्कारों के जरिये आप तक पहुंचाते रहे है।हमने सभी प्रत्याशियों के मन की बात व समाज के कुछ चिरपरिचित चेहरों की आवाज आप तक पहुंचाई है।

जिस तरह से राजनीति के अखाड़े  में एक बयान पूरा मैच पलट देता है कुछ इस तरह से सामाजिक चुनावों में भी परिवर्तन आता है....कभी कभी नोसखिया दिखने वाला भी अपने मन की बात से मैच में  निर्णायक बढ़त सी लेने वाला कमाल कर देता है और किस तरह से एक साक्षात्कार,औऱ उसमे रखा हुआ एक बयान किसी के जख्मों में मरहम लगाने वाला बन जाता है और समीकरणों की शतरंज पलट देता है। 

श्री किशन मोदी ने चुनाव में नाम तय करने के घटनाक्रम को  बताते हुए जिस सहजता से यह स्पष्ट किया कि कटक मारवाड़ी समाज मे नेतृत्व समाज के सभी घटक दलों के सर्वमान्य व्यक्तियों तक जाना चाहिए ...जब जैन समाज के श्री मोहन लाल सिंगी जो कि सर्वमान्य स्वीकृत नाम है का नाम सामने आया तब फिर उनको सर्व सम्मति से समर्थन देना चाहिए....जो नही हुआ। इतना ही नही जब उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर श्री मोहन सिंगी जी का नाम रहता तब वे नामांकन पर्चा लेने ही नही जाते और उनका ही समर्थन करते अर्थात समाज के सभी घटक दलों के योग्य व्यक्तियों का सम्मान होना चाहिए और उनके लिए स्थान देना चाहिए।

श्री मोदी ने समाज के अन्य घटक दलों अर्थात माहेश्वरी समाज,ब्राह्मण ,सैनी, सुनार व अन्य सभी समाजों को समाहित करते हुए जब यह बात कही तब उसका दूरगामी असर पड़ा और मन से बोली हुई बात फिर असर गहरा कर जाती है ....इस एक साक्षात्कार ने कटक मारवाड़ी समाज का चुनावी माहौल बदल दिया और मोदी अब कांटे की टक्कर से भी आगे बताये जाने लग गए। 

जैन समाज के श्री मोहनलाल सिंगी का  नाम इस चुनावी परिदृश्य में पहले प्रमुख रूप से आया बताया गया है पर श्री सिंगी प्रतिस्पर्धी के रूप में चुनावी दंगल नही चाहते थे  अर्थात उनके नाम पर सर्वसम्मति से ही वो आना चाहते थे।गौरतलब है कि श्री सिंगी के दोनों पक्षों से आत्मीय सम्बन्ध है उनका एक वीडियो चुनावी दंगल की शुरुआत में श्री मामा जी के पक्ष से बोलता हुआ आया था उससे यह लगा था कि श्री सिंगी पूर्ण रूप से मामा जी के पक्ष में खड़े है पर एक  वीडियो कल आया है जिसमे वे श्री किशन मोदी जी के समर्थन में उनको जीत की शुभकामनाएं  दे रहे है अर्थात श्री सिंगी ने यह जता दिया है कि वो किसी एक गुट में नही है  और कल के इस वीडियो ने कटक चुनावी समीकरणों में नयी संभावनाओं की रचना कर दी है और इसका प्रभाव अन्य समाज के वोट बैंक को भी प्रभावित करता दिख रहा है।

 कल के अपने चुनावी सभा से किशन मोदी अप्रत्याशित रूप से सफल कहे जा रहे है  यद्धपि इस बढ़त में उनके उस बयान ने काम किया है जो डिजिटल फर्स्ट न्यूज़ में उन्होंने दिया था। मामा जी के मजबूत वोट बैंक पर इस एक बयान ने  चमत्कारिक उलटफेर सा काम किया है और किशन मोदी समूह के हौसलों को बुलंद करने में भूमिका निभा दी है। 

यह भी सही है कि चुनाव होते होते ऐसे कई समीकरण औऱ भी बन सकते है और बाजिया पलट सकते है...कभी यह पक्ष आगे तो कभी वह पक्ष आगे चलता दिख सकता है पर अब चुनाव कांटे की टक्कर में उस पायदान पर खड़ा है जहाँ ये दोनों उम्मीदवार चेन की नींद शायद नही सो पा रहे है और कटक के मतदाता इस रोमांच का आंनद भी ले रहे है क्योंकि बाजीगर बनाने वाले मोहरे तो उसके पास है।

-संजय सनम(72780-27381)

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