प्रियंका का गुनाह क्या था!

प्रियंका को नारी होने की कीमत चुकानी पड़ी!

- मीनाक्षी  शर्मा


मैंने देखा सारे सोशल मीडिया में ये बात है कि डॉक्टर प्रियंका को हमे इंसाफ दिलाना है 

हर कोई अपनी तरफ से यह प्रयास कर रहा है कि कुछ किया जाए....

किसी भी तरह वो अपना गुस्सा निकाल रहे है कोई कह रहा है कि लड़कों को बचपन से सिखाना चाहिए कि वो लड़की और महिलाओं का सम्मान करें अच्छा क्या आपको लगता है कि हम सब अपने घर के लड़कों को ये नही सिखाते होंगे नही हम जरूर ये सब अपने बच्चो को बताते है पर कमी रह ही जाती है ।

आजकल फ़िल्म हो या कोई सीरियल सब मे तो खुले में बताया जाता है प्यार और सेक्स के बारे में जिसे हर उम्र का आदमी देखता है तो क्या इनसे बच्चे नही बिगड़ते इस तरह की गंदी गंदी किताबे भी आसानी से मिल जाती है बाजार में - इन सब पर रोक क्यों नही लगती!

अच्छा किसी को लगता है कि लड़की हिन्दू थी और वो जिस जगह फँसी वो मुस्लिम इलाका था इसलिए उसके साथ ये हादसा हुआ -अरे में पूछती हूँ इसमे धर्म बीच मे कहाँ से आया धर्म के नाम पर लड़ने से क्या ये बलात्कार होने रुक जाएंगे ।

हम 21 वी सदी में पहुंच गए  ,इनबीते सालों में हमने कितनी तरक्की कर ली है शायद ही कोई ऐसी जगह हो जहां हम नही पहुंच पाए।सबको समान अधिकार मिला पुरुष हो या महिला सब बराबर एक दूसरे से कंधा मिला कर चल रहे हैं सब कुछ तो बदल गया पर जो आज भी नही बदला वो है आज के  पुरुष का दोगलापन।

यू तो महिलाओं की तारीफ करते नही थकते पर जब अपनी पे आते है तो उसी महिला को नोंच खाते हैं यही हैं इनकी मानसिकता । हम सब अभी हैदराबाद में हुए डॉक्टर प्रियंका के रेप केस के बारे में जानते है एक महिला जिसने सही में महिला होने की कीमत चुकाई पर क्यों!

क्या वो कुछ बन गई जिंदगी में इसलिए । रात को काम करने घर से निकली इसलिए या उन नपुंसक लोगो की नजर में आई इसलिए कुछ लोगो को लगता होगा कि इतनी रात को बाहर गई ही क्यों ।क्यों भाई रात तो बाहर जाने का अधिकार क्या केवल पुरुष को है जि तना सक्षम एक पुरुष है किसी भी काम मे उतनी ही सक्षम एक स्त्री भी हैओर पुरुष ये क्यों भूल जाते है कि वो पुरुष है क्योंकि उनको पुरुषत्व एक स्त्री ही देती है ।

नही ये सब ऐसे नही रुकेगा इसके लिए हम सबको मिल के कुछ करना होगासिर्फ फाँसी की सजा देने से कुछ नही होगा इन लोगो के दिल मे खौफ भरना होगा कि फिर कभी किसी के मन मे बलात्कार का ख्याल भी ना आए सबसे पहले हमारी पुलिस को सचेत होना होगा महिलाओं को सुरक्षा देना उनका कर्तव्य है ये में इसलिए नही कह रही के में खुद एक महिला हूँ ये में इसलिए कह रही हूँ कि नारी आज भी कहीं न कहीं कमजोर पड जाती है ऐसा माहौल बनाया जाए कि कोई भी लड़की बाहर निकलने से न डरे 

 हमारी सरकारको जरूर ही इस बारे में गम्भीर होना चाहिए ओर इस पर सभी राजनीतिक दल को एकमत होकर कोई फैसला लेना चाहिए क्या जब तक इन नेताओं के घर की महिलाओं के साथ कोई ऐसा हादसा ना हो वो नही समझ पाएंगे 

जागना ही होगा हम सबको अब
हाथ मे मोमबत्ती ले के चलने से कुछ नही होगा
सारे समाज को मिल के आगे आना चाहिए और अपनी अपनी समाज की महिलाओं की सुरक्षा के लिए खुद ही कोई कदम उठाने चाहिए क्योंकि अकेली सरकार भी तब तक कुछ नही कर सकती जब तक हम मिल के प्रयास ना करे
पहले लड़की को कोख में मार देते थे और अब ये सोच के करना नही चाहते कि अगर लड़की हुई तो उसकी सुरक्षा हम कैसे करेंगे

अपनी बच्चियों को हमे इस लायक बनाना होगा कि वो खुद अपनी रक्षा करने में सक्षम हो

कोशिश तो मिल के ही रंग लाएगी
तो आइए फिर एक शुरुआत करें
पर अबकी बार सच मे बेटी बचाने की 🙏🏻🙏🏻

टिप्पणियाँ

Unknown ने कहा…
Bilkul sahi mahilao ko sakhcham
Hona hi chaiye .