एक मासूम बच्चे की भावुक प्रार्थना.....
अपनी प्रार्थना में बच्चा दादा,दादी,पापा मम्मी,व अपने डॉगी के लिए कृपा मांगता है अपने लिए कुछ नहीं मांगता ।
मासूमियत का अंदाज तब तो कमाल कर देता है जब वो सहजता से भगवान को अपना ख्याल रखने की अपील तक कर देता है क्योंकि तुम ठीक रहोगे तभी तो हम सबको ठीक रख सकोगे।
पुणे से श्री कमल कोठारी का यह वाट्स अप संदेश जिसमे एक प्रेरक कहानी का जीवन उपयोगी उपदेश।
प्रार्थना जब दिल से होती है तब वह इस बच्चे की सहजता व मासूमियत का रूप होती है और वो तब ईश्वर तक सीधी पहुंचती है और स्वीकार भी होती है।
अब आप पढ़िए इस कहानी को और अपने लोगों तक ..
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