अजित पवार के हाथ में असली चाबी।
क्या भतीजे की चाल में चाचा फस गए है!
अजित पवार क्या नियम का लाभ उठा रहे है!
क्या शरद पवार सब जान कर अनजान बने हुए है!
महाराष्ट्र के राजनीतिक गेम पर सबकी नजर बनी हुई है ..गेंद विधानसभा की गणित के साथ अभी सर्वोच्च न्यायालय की चोखट पर पड़ी हुई है। विधायकों को प्रोडक्ट की तरह सील बन्द होटलों में रखा जा रहा है...तीनों पार्टियों में विशेषकर शिव सेना,एन सी पी,व कांग्रेस में अफरा तफरी का सा माहौल है।
सोशल मीडिया में विभिन्न तरह के कयास आ रहे है पर यह संदेश हमारे एक कानूनी मित्र के माध्यम से आया है इसलिए इसकी विश्वसनीयता कुछ अधिक लग रही है और अगर यह बात वास्तव में शत प्रतिशत सही हो गई तो महाराष्ट्र में देवेन्द्र व अजित की जोड़ी सफल होती दिख रही है।
अब आप सोशल मीडिया के इस संदेश को गौर से पढ़िए..भतीजे के हाथ में अगर असली डोर है तब चाचा क्या उद्धव को नकली लॉलीपॉप चूसा रहे है!
महाराष्ट्र सरकार पर एक मत यह भी आ रहा है कि अजित पवार को विधायक दल के नेता पद से हटाना इतना आसान भी नहीं जितना लोग समझ रहे हैं ।
जब कोई प्रक्रिया चल रही हो उस बींच में आप किसी को हटा नहीं सकते जब तक कि वह स्वयं ही इस्तीफ़ा न दे ।कोर्ट इसे ग़ैरक़ानूनी मानेंगा इसीलिए शरद पवार चाहते थे अजित पवार विधायक दल के अध्यक्ष पद से स्वयं इस्तीफ़ा दें । लेकिन चतुर अजित पवार ने इस्तीफ़ा नहीं दिया है.. उन्हे पवार ने हटाया है जो कि ग़ैरक़ानूनी है ।
जब विधानसभा में मत विभाजन होगा तब अजित पवार व्हिप जारी करेंगे जिसे मानना एनसीपी के विधायकों को अनिवार्य होगा अन्यथा उनकी विधायिकी चली जाएगी ।
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