नौटंकी आखिर खत्म हुई.......
..संजय बोहरा(राजनीतिक विश्लेषक)
आज भारतीय संविधान की जन्म तिथि पर सर्वोच्च न्यायालय ने देशवासियों को बेहतरीन तोहफा दिया है जो ऐतिहासिक है।महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में किसी दल को पूर्ण बहुमत न मिलने पर संवैधानिक संकट प्रकट हुआ और किसी भी समूह के द्वारा बहुमत न दिखा पाने की स्थिति में महामहिम राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन लगाने की घोषणा कर दी।
शनिवार को सुबह 8 बजे आनन फानन में श्री देवेन्द्र फडनवीस को मुखयमंत्री पद और श्री अजित पवार को उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई।
पूरे देश में यह चर्चा थी कि बहुमत क्या है ? भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने प्रकट रूप में अपना समर्थन दिया और महामहिम राज्यपाल ने 14 दिनों के भीतर सदन में बहुमत सिद्ध करने को कहा।
शिव सेना- राकपा- कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की और साफ कर दिया कि बहुमत उनके समूह के साथ है ।इसलिये शीघ्रताशीघ्र सदन के पटल पर भाजपा को बहुमत सिद्ध करना चाहिए ।
14 दिनों तक इंतजार सिर्फ horse trading को जन्म देगा और असंवैधानिक तत्व शिरकत करेंगे
आज सुप्रीम कोर्ट के तीन मेंबर बेंच ने अभूतपूर्व फैसला सुनाया जिसके मुख्य बिंदु निम्न हैं:
1) 24 घंटे के भीतर भाजपा बहुमत सिद्ध करे।
2) स्पीकर सदन के protem होंगे, सामान्य नहीं होंगे। सीनियर विधायक इस रूप में गवर्नर चुनेंगे ।
3) पूरी कारवाई live telecast होगी।
अचानक 2 बजे आज दोपहर को श्री अजित पवार और फिर श्री फडनवीस ने इस्तीफे की पेशकश की।
एक असंवैधानिक कदम , सत्ता के लोभ में इस तरह पिटा कि भाजपा की सारी प्रतिष्ठा ही संपूर्ण देश में दाँव पर लग गई। सच है भगवान श्री राम भी लालच में सोने के मृग के पीछे गये थे और उस पर दो लाइनें जरा गौर कीजिए:
न निरमिता के न दृष्टि पूर्वा, नश्वरते हेम कहि कुरंग।
तथापि तृष्णा रधुनंदस्य, विनाशकाले विपरीत बुद्धि ।।
इसमें कोई शक नहीं, भाजपा ने सिर्फ अपनी political capital lose की है।
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