क्रिकेट में कुछ खो रहा है!

विश्वकप क्रिकेट 2019 में वो रोमांच नही दिखता


क्या आपको नही लगता कि विश्वकप क्रिकेट के लिए लगाव,रोमांच कम होता जा रहा है-वो इंतजार मैचों के लिए नही दिखता-क्रिकेट दीवानों के बीच वो उत्साह नही दिखता-टेलीविजनों पर वो भीड़ नही दिखती और न ही,बसों में,ट्राम में लोकल ट्रेन में चर्चाओं का वो दौर दिखता है जो पहले कभी दिखा करता था-क्या हो गया है-आखिर क्यों वो बात नही रही जो रहा करती थी.

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जरा याद कीजिये उन लम्हो को जब भारत ने कपिल के नेतृत्व में विश्वकप जीता था तब टेलीविजन की सब जगह उपलब्धता भी नही थी-कस्बों में 2- 4 जगह टेलीविजन होते थे और पूरा शहर जैसे उमड़ पड़ता था-जिस घर मे टेलीविजन होता था उस घर के लोग अपने मोहल्ले में खुली जगह देख कर उसको लगाते थे ताकि सब लोग देख सके-पर सब देख नही पाते थे फिर भी खड़े रहते थे आवाज सुनने के लिए और फोर,सिक्स आउट में मैदान की हलचल देखने के लिए क्योकि रेडियो की कमेंट्री से अधिक मजा भीड़भाड़ में यहां खड़े खड़े देखने मे आता था।

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जब धोनी के नेतृत्व में भारत ने विश्वकप जीता तब भी दीवानगी बरकरार थी इस वक्त टेक्नोलॉजी अर्थात टेलीविजन हर घर मे आ गया था पर बहुत जगह पर लोग एक साथ मिलकर देखने के लिए किसी स्थान पर बड़ी स्क्रीन की टी वी लगाकर थिएटर का रूप देकर देखते थे--पर इस बार यह नजारा ही नही है--घरों में भी टीवी में विश्वकप के मैच भी पूरे नही चल रहे होंगे--लोग बाहर घूमने मैच को छोड़ कर जा रहे है-फ़िल्म देख रहे है पर मैच के प्रति ललक नही है



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सलमान कैटरीना की भारत फ़िल्म जब ईद को रिलीज हुई तो लाखों क्रिकेट प्रेमियों ने उस दिन का मैच छोड़ कर फ़िल्म हाल में चले गए--आखिर क्यों -क्या हो गया है वो उत्साह कहाँ खो गया है--इस सवाल पर क्या विचार नही करना चाहिए--आई पी एल के मैचों में फोर,सिक्स व जीत पर पटाखें सुनाई देते थे पर कल भारत ने ऑस्ट्रेलिया को विश्वकप के मैच में हराया तब वो शोर,वो जश्न नही दिखा जो अपेक्षित था।

क्या 20- 20 के मैचों की भरमार,क्रिकेट के बदलते प्रारूप ने तो इस रोमांच को खत्म नही कर दिया-क्योकि जब आप बहुत जल्दी जल्दी बार बार कुछ देखते हो तब फिर उसका इंतजार,उसके लिए अतितिक्त उत्साह,और वो दीवानगी खत्म हो जाती है शायद विश्वकप के उस रोमांचक माहौल को क्रिकेट के बदलते प्रारूप और उनका प्रयोग खा रहा है। अगर आप इस विचार से सहमत है तो कमेंट बॉक्स पर अपनी सहमति दीजिये व कोई अन्य कारण आपके मन मे हो तो भी प्रकट कीजिये -इस आलेख को अधिक से अधिक लाइक,शेयर व मुझे फॉलो अवश्य कीजिये।

-संजय सनम


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