कबीर सिंह की पटकथा पर सोना ने उठाये सवाल

कबीर सिंह की पटकथा -शाहिद पर भड़की सोना
शाहिद कपूर की कबीर सिंह ने स्क्रीन पर आते ही कमाल का व्यवसाय किया है 2 दिन में 40 करोड़ से अधिक बटोर चुकी यह फ़िल्म युवाओं को बहुत पसंद आ रही है पर फ़िल्म की पटकथा को पुरुष मानसिकता वादी अर्थात जिसमे महिला को कमजोर दिखाने की कोशिश हुई है अर्थात फ़िल्म का कंटेंट अब निशाने पर आ गया है और यहां पर दो समूह जैसे बन गए है।


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इस पर सिंगर सोना महापात्रा ने गहरी आपत्ति व्यक्त करते हुए उन्होंने नैशनल विमिन कमिशन की चेयरपर्सन रेखा शर्मा को टैग करते हुए ट्वीट किया कि क्या किसी ने इस फ़िल्म की महिला विरोधी कहानी नोटिस नहीं की? सिर्फ इंटेंस ऐक्टिंग? यह वाकई बहुत गहराई तक परेशान करने वाला है। सोना महापात्रा ने विमिन चेयर पर्सन से यह सवाल पूछा है कि आप एक महिला होकर महिलाओं की स्थिति को नजरअंदाज कैसे कर सकती हो?

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आप तो नैशनल विमिन कमिशन की चेयर पर्सन है, इस लिहाज से आपकीं क्या भूमिका होनी चाहिए पर मैं हैरान हूं कि जब भारत में महिलाओं की स्थिति की बात आती है तो हमें क्या उम्मीद करनी चाहिए। सोना महापात्रा ने इस फ़िल्म में महिलाओं की स्थिति को गलत रूप से प्रेरित करने की कोशिश पर विमिन कमीशन की प्रमुख से कार्रवाई की अपेक्षा रखी है और इस खामोशी पर सवाल भी उठाया है।
सोना के मन का आक्रोश यही नही रुका उन्होंने नैशनल विमिन कमिशन की चेयरपर्सन के अलावा एक रिव्यू करने वाले को भी टैग करते हुए सवाल उठाया है कि क्या ऐक्टर की रोल चुनने के प्रति कोई जिम्मेदारी नहीं होती? यद्दपि सोना के आरोप का जवाब कही न कही शाहिद के फ़िल्म रिलीज होने से पहले एक बयान से मिल जाता है जिसमे उन्होंने साफ कहा है कि कलाकार का कार्य रोल के साथ न्याय करना है न कि आदर्शवादी होना है।कलाकार से हमेशा आदर्शवादी होने की उम्मीद करना गलत है उन्होंने उस बयान में कहा था कि इंसानों के स्याह पहलू भी तो फिल्मों में उस कड़वी हकीकत को बयां करते हुए आने चाहिए।
सोना महापात्रा के इन सवालों के बाद कबीर सिंह की पटकथा पर अब विवेचन होना शुरू हो गया है अर्थात पटकथा का रोमांच फ़िल्म की कामयाबी तो हो सकता है पर उसमे कही किसी पक्ष का चित्रण अगर हल्के रूप से लिया गया है तो भारतीय संस्कृति का पक्ष सामने लाकर आलोचना हो सकती है।

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