घर बदल रहे है सिद्दू!
पूर्व क्रिकेटर से कॉमेडी में आये और भाजपा के सांसद बन कर छाए फिर काँग्रेस में आ कर पंजाब सरकार में मंत्री पद पाए सिद्दू के सियासत के दिन शायद पूरे हो गए लगते है।बिन पेंदे ले लोटे सरीखे सिद्दू जब भाजपा में थे तो राहुल को पप्पू कहा करते थे पर अब राहुल उनके बोस है और बोस के लिए अमेठी से उनकी विजय के लिए बड़बोले सिद्दू ने जो बात कह दी अब वो उससे पीछा तक नही छुड़ा पा रहे।
सिद्धू ने सार्वजनिक रूप से एक चुनावी मंच पर राहुल,सोनिया और काँग्रेस परिवार के कसीदे पढ़ते हुए यहां तक कह दिया था कि अगर किसी भी वजह से राहुल अमेठी में नही जीते तो वे खुद राजनीति छोड़ देंगे।चुनाव परिणाम जो आये है उस हिसाब से सिद्दू को राजनीति को अब तक अलविदा कह देना चाहिए पर सियासत का असली स्वांग सियासत को अलविदा कहने कब देता है।
Samarsleal
अब लोग सिद्दू से पूछ रहे है कि पाजी सन्यास कब ले रहे हो-- पर खबर यह आ रही है कि सिद्धू का अगला पड़ाव अब आम आदमी पार्टी हो सकता है क्योकि काँग्रेस पार्टी में उनके प्रति विरोध के स्वर काफी तेज हो गए है पार्टी की सीटें कम आने की वजह भी सिद्धू माने जा रहे है -पंजाब के मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि सिद्दू का पाकिस्तान जाना व वहां के सेनाध्यक्ष से गले मिलने का संकेत गलत गया है और इसका नुकसान पार्टी को भुगतना पड़ा है।
गौरतलब है कि सिद्दू कि पत्नी को लोकसभा का टिकट न मिलने से सिद्धू काफी नाराज थे और उन्होंने इसका ठीकरा कैप्टन अमरिंदरसिंह जो कि पंजाब सरकार के मुख्यमंत्री है पर फोड़ा था और उन्होंने प्रचार भी मन से नही किया था अब पंजाब के मुख्यमंत्री सहित कई काँग्रेस के नेताओ ने सिद्दू की शिकायत कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच दी है।अपुष्ट जानकारी के अनुसार कैप्टन ने यह आरोप लगाया है कि सिद्दू उनको मुख्यमंत्री पद से हटा कर खुद बनना चाहते है
पंजाब कॉंग्रेस के अंदर सिद्दू का विरोध कांग्रेस हाई कमान को सिद्दू पर कारवाई के लिए मजबूर कर सकता है क्योकि राहुल गांधी खुद सिद्दू से खुश नही माने जा रहे इसलिए सिद्दू के पर कतरे जा सकते है।यह सब सिद्दू भी समझ गए लगते है इसलिए उन्होंने अपने लिए दूसरा आशियाना आम आदमी पार्टी को बना सकते है अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में सिद्दू की सियासत सन्यास लेने को मजबूर हो जाती है या आम आदमी पार्टी में कुछ दिन और चल सकती है।अपने बड़बोले व दोगलेपन की वजह से सिद्दू राजनीति में अपना विश्वास व इज्जत लगभग खो चुके लगते है
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