शौक में अमेठी- स्मृति ने अर्थी को दिया कंधा
चुनाव होने तक हिंसा का दौर सुना था पर चुनाव परिणाम आने के बाद भी इस तरह सरे आम खून हो जाये तो यह हिंसा लोकतंत्र का खून कही जा सकती है ।अमेठी संसदीय क्षेत्र से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के इस संघर्ष के खास सिपाही व ग्रामीण क्षेत्रो के प्रमुख श्री सुरेंद्र सिंह की उनके ग्राम बारूलिया में शनिवार को अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर जिस तरह से हत्या कर दी यह घटना स्तब्ध करने वाली थी।उनको जिला अस्पताल से लखनऊ ले जाया गया पर तमाम कोशिशों के बाद भी उन्हें बचाया नही जा सका।
सुरेंद्र सिंह स्मृति ईरानी के इस संघर्ष में उनके दाहिने हाथ सरीखे माने जाते थे तथा चप्पल वितरण की योजना से लेकर जनता तक पहुचने की हर रणनीति में उनकी अहम भूमिका थी।सुरेन्द सिंह की जमीनी स्तर पर अच्छी पकड़ ने स्मृति ईरानी के कदमो को रप्तार प्रदान करने में अहम भूमिका अदा की थी।
साभार- ANI UP NEWS
इस हत्याकांड की खबर से बारूलिया ग्राम में शोक की लहर फेल गई तथा आक्रोशित लोगों के दुआरा इस हत्याकांड निंदा करते हुए अपराधियो को तुरंत पकड़ने की मांग उठी है।सुरेंद्र सिंह के पुत्र ने अपने पिता की इस हत्या का आरोप कांग्रेस पर लगाते हुए कहा है कि उनके पिता के स्मृति ईरानी के पक्ष में प्रचार व उनकी विजय के लिए कार्य करने की वजह से कांग्रेस ने इस घटना को अंजाम दिया है।
अमेठी के पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि कुछ संदिग्ध को हमने पकड़ा है ओर हमारी तेज कार्रवाई चल रही है अभी यह कहना मुश्किल है कि यह राजनीतिक शत्रुता या कोई पुरानी रंजिश की वजह से हुई घटना है।उत्तरप्रदेश सरकार के कई मंत्रियों ने घटना की निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर आघात बताया और कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।इस दुःखद घटना से अमेठी शोकमग्न बताया जाता है।
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