खतरे में लोकतंत्र----

बेचारे अब सबूत भी नही मांगते।

- संजय सनम

एक ताजा व्यंग---

इतनी बड़ी कार्रवाई हुई
औऱ किसी ने
सुबूत नही मांगा

समझदार निकले---समझ गए!

इमरान ने कुछ दिन पहले मांगा था

औऱ भारतीय सेना दे कर आ गई।

बेचारे सोच रहे है

अभिव्यक्ति की आजादी ही नही रही।

सबूत मांगते है
ताबूत बना देते है।

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