आपने तबेले में देखा होगा भैंस का पाड़ा ओर जर्सी गाय का बछड़ा दूध पीने के बाद कोने में जाकर सो जाते है जबकि देसी गाय का बछड़ा पूंछ ऊंची करके दौड़ने लगता है देसी गाय के दूध में फुर्ती है तो जर्सी में सुस्ती,देसी में आरोग्य ओर रोग प्रतिरोधक छमता है तो जर्सी में बीमारी। यही कारण है कि पचास साल पहले डॉक्टर चोट लगने पर ,बीमार होने पर,गर्भवती माता को सन्तान होने के पश्चात दूध घी की सलाह देता था वही डॉक्टर आजकल गहि दूध से दूर रहने की बात करता है। देसी गाय का अमृत तुल्य घी दूध आज भी उतना ही कारगर है इसीलिए ब्राजील ने भारत से देसी गाय मंगवा करके अपने यंहा 100% गाये भारतीय नस्ल की करली ओर भारत ने थोड़ा ज्यादा दूध के लिए जर्सी को अपना लिया और देसी गौ माता को सड़कों पर कचरा खाने और कसाईयो के पास कटने को छोड़ दिया
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यही कारण है कि पचास साल पहले डॉक्टर चोट लगने पर ,बीमार होने पर,गर्भवती माता को सन्तान होने के पश्चात दूध घी की सलाह देता था वही डॉक्टर आजकल गहि दूध से दूर रहने की बात करता है।
देसी गाय का अमृत तुल्य घी दूध आज भी उतना ही कारगर है इसीलिए ब्राजील ने भारत से देसी गाय मंगवा करके अपने यंहा 100% गाये भारतीय नस्ल की करली ओर भारत ने थोड़ा ज्यादा दूध के लिए जर्सी को अपना लिया और देसी गौ माता को सड़कों पर कचरा खाने और कसाईयो के पास कटने को छोड़ दिया