_क्यों हारी भाजपा?
समर्थकों के मन की टीस---
कड़वा सच----दिल को जब चोट लगती है।
हमने तो हर हाल में वफ़ा की तुमसे
तुम्हारी बेवफाई ही तुम्हे दगा दे गई।
*बीजेपी का तीन राज्यों में हार का कारण :भविष्य के लिए निवारण*_
◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆_रामचन्द्र सारस्वत (गुरावा),काँगड_
*बीजेपी के समर्थकों को दुख हुआ कि बीजेपी हार गयी । मन और दिमाग के संघर्ष मे दिमाग जीता ।वही जैसा पिछले दो माह से लग रहा था । कांग्रेस नही जीती है ;क्योंकि उसकी जीत का कोई ऐसा कारण था भी नहीं । तीनो प्रदेशों में बीजेपी नहीं, उसका अतिआत्मविश्वास हारा है । तुष्टिकरण की नीति हारी है । अपने मूल वोटर को लात मारकर अवसरवादी वोट बैंक खड़ा करने की ग़लती हारी है ।अखंड भारत का सुनहरा सपना दिखाने वाले हमे जोड़ने के बजाय तोड़कर वोट बैंक बनाने चले थे। हर तरह से कुछ ख़ास वर्गों को अपना वोट बैंक बनाने के प्रयास में अपने मूल वोटर को नाराज़ ही नही किया; बल्कि उसके स्वाभिमान को चोट भी पहुँचायी । उनको अपमानित किया । जिनके पैर छू कर काम प्रारंभ करने की संस्कृति थी ,उनको ठेस पहुचाई, जबकि उन्होने आपसे कोई लाभ नही चाहा । बीजेपी भूल गयी की उसका मूल वोटर उसके विचार का समर्थक है, मुफ़्तख़ोरी का नहीं ।उसने आपको तब भी समर्थन दिया था ,जब आपकी दो सीटें नही आती थींं । वो तब भी अपने घर पर शान से भगवा ध्वज फहराता था और आज आपके अपमान के बाद भी फहरा रहा है । बदले आप हो ,वो नहीं । उसने दुखी मन से ही सही ,पर ,आपको वोट किया । आप तुष्टिकरण मे नहाने के बाद भी अपनी लगभग सारी आरक्षित सीटें हार गए । मुफ़्तख़ोरी की योजनाओं से अवसरवादी वोट बैंक खड़े किये जा सकते हैं, समर्पित विचार व समर्थक नहीं ।*
*पता नही संगठन के लोगों ने ऊपर यह बात क्यों नही पहुँचायी कि अपनी जड़ों को काटकर हम हरे -भरे कैसे रह पाएँगे ।*
*समय है, ग़लती सुधार लें अपनी जड को पहचाने । उस ध्वज का सम्मान करें, हिंदुस्तानी सभ्यता का सम्मान करें,उन लोगो का सम्मान करें, जिनके प्रेम और समर्पण ने आपको सत्ता तक पहुँचाया । उस कार्यकर्ता का सम्मान करें, जो दुखी होकर भी आपकी गलत बात का विरोध ना कर सका ।*
*हार जीत चलती रहती है ।सत्ता आती जाती रहती है, लेकिन यह याद रखना ज़रूरी है कि नींव के पत्थर को हटाकर आप भवन को बचा नही पाएँगे ;क्योंकि जो बना सकता है ,वो मिटा भी सकता है ।*
*वंदे मातरम् !!!*
टिप्पणियाँ
नींव खोखली कर देंगे तो मकान ढहेगा ही