जीत के बाद वादे से पलटे राहुल।
लोक लुभावन वादों की हकीकत इतनी जल्दी सामने आई।
राहुल ने कहा कर्जा माफ स्थायी समाधान नही।
राहुल ने अब माना कि समाधान भी आसान नही।
अब क्यां होगा मध्यप्रदेश के किसानों के सपनों का!
वादे की मीठी टॉफी देकर वोट लेकर चलती बनी सियासत।

चुनाव परिणाम आये 24 घण्टे ही नही हुए कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी चुनाव से पहले मध्यप्रदेश के किसानों को दिए वादे से बड़ी चतुराई से पलट गए।
चुनाव से पहले इन्ही राहुल गांधी ने जनसभा में कहा था कि विजय के 10 दिन के अंदर मध्य प्रदेश के हर किसान के कर्जे को माफ करके उसका कागद किसान के घर भेज दिया जाएगा।
राहुल ने तब जोर देकर कहा था कि आप सिर्फ 10 दिन की गिणती कीजियेगा-हर किसान का कर्जा माफ कर दिया जाएगा।
पर चुनाव परिणाम के 24 घण्टो के अंदर राहुल को अपने 10 दिन की गणित की हकीकत समझ मे आ गई और बड़ी चतुराई से उन्होंने किसानों की कर्ज माफी के वादे को यह कह कर घुमा दिया कि यह स्थायी समाधान नही है ।
हमको इंफ्रास्ट्रक्चर ,टेक्नोलॉजी किसानों को देनी होगी और यह भी कह गए कि समाधान इतना आसान नही है।
अर्थात कर्ज माफी के स्लोगन पर अब उन्होंने दिन नही गिनवाए बल्कि यह बता दिया कि कर्ज माफी स्थायी समाधान नही है पर एक बार के समाधान के लिए अब राहुल तैयार नही लग रहे ।
उससे पहले कि किसान 10 दिन बाद बोले राहुल ने चुनाव परिणाम के 10 घण्टे अंदर वादे को घुमा दिया।
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