मस्जिद के बाहर तैनात डी एस पी को मस्जिद से निकलने वाली भीड़ ने पत्थरो से मार दिया--
क्या वो अकेले थे---
उपयुक्त सुरक्षा तंत्र उनके साथ क्यो नही था?
जम्मू डी जी पी ,आई जी
इसका जबाब दे?
इतने बदहाल हालातों में एक अफसर जब मस्जिद से निकलने वालों की तस्वीर लेने का जोखिम उठा रहा था तब उसके साथ सुरक्षा तंत्र की उपयुक्त व्यवस्था क्यो नही थी?
एक एक चूक बहुत भारी तो नही पड़ रही हमको----
कब तक अपने शेरों को दांव पर लगाते रहेंगे---
सिर्फ दो पकड़ने की खबर मिली है- --पता नही इस हत्या में कितने शरीक होंगे?
क्या ये लोग ख़ुदा की इबादत करके आये थे?
अगर इबादत गाहो का सच यह है तब कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए---
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