उत्तर प्रदेश में हर दिन होने वाली अराजक घटनाओं की बढ़ती कतारे, अराजक तत्वों के बढ़ते हौसले, नारी शक्ति के साथ मन को शर्म सार करने वाली घटनाओं से ऐसा लगने लगा है कि कही कुछ भारी गड़बड़ है!
उत्तम प्रदेश की तरफ बढ़ने वाले कदम कही पीछे कोई ऐसी खिड़की खुली तो नहीं छोड़ आए है जो उसको उधम प्रदेश बना रही है।
सहारनपुर की हिंसा का दाग सरकार के लिए कम नहीं है---क्या प्रशासन मुस्तेद नहीं है या पूर्ववती सरकार की तरह आपके ही लोगो के इशारों पर काम कर रहा है।
जब भाजपा विधायक महिला अफसर को सरे आम डांट सकते है और उसकी आँखों में आंसू तक आ जाते है तब यह भी तो दबंगई से कम नहीं है।
नोयडा हाई वे पर कार को रोक कर उसमे उपस्थित महिलाओ से गैंग रेप ---क्या कर रहा है आपका पुलिस प्रशासन और क्या कर रही है योगी सरकार?
अराजक तत्वों को बचाइए मत---पकड़िये और कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाने की राह तक जाइये---अन्यथा अखिलेश सरकार और आप में फर्क क्या रहेगा?
हो सकता है --आप और बहुत अच्छी योजनाओं पर कार्य कर रहे हो---पर कानून व्यवस्था सर्वोपरि है।
सबक सिखाइये गुंडों को----बीच सड़क पर उनकी धुलाई कीजिये और वो नजारा जनता को दिखाइए तब जनता में जगेगा विश्वास।
अभी के जो हालात है---कुछ दृश्य ऐसे दिखा दीजिये--गुंडों से हाथ जुड़वा दीजिये---जिनके साथ उन्होंने अन्याय किया है --उनके तलवे चटवा दीजिये।
महिलाओं की अपेक्षा टूट न जाये----सावधान हो जाइये।
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