देश की राजधानी दिल्ली में एशिया की सबसे बड़ी मंडी गांधी नगर क्षेत्र से गारमेंट उद्योग से जुड़ा एक बड़ा नाम श्री जयनारायण अग्रवाल जिस तरह से सामाजिक सेवाओं के विभिन्न प्रकल्पों से जुड़े है और इन सबको ईश्वर की कृपा कह कर बड़ी विनम्रता से समर्पित करते है उससे यह लगता है कि कलियुग के इस दौर में भी सतयुग के कुछ चिन्ह तो अभी भी दिखते है।
एक कोई घटना किस तरह से आदमी के जीवन,सोच को बदल देती है और इस प्रकार से वो दिल में बस जाती है कि आप अपने जीवन को फिर उस उद्देश्य में समर्पित कर देते है।
https://youtu.be/EQm9aAQU3Es
जय नारायण अग्रवाल से गाय की सेवा के साथ शिक्षा,व् चिकित्सा तथा जल व् अन्न की सेवा पर विस्तार से बातचीत को पूरा सुनियेगा----
गोपाष्टमी के पर्व पर कोलकाता में गाय को काम्प्लेक्स काम्प्लेक्स घुमा कर चंदे की रसीदों को कुछ लोग काट कर एक तरह से गाय के नाम पर जिस तरह की धंधा गिरी कर रहे है उसका कड़ा विरोध करते है गो भक्त जय नारायण अग्रवाल।
जिसको हम माता कहते है - उसको मॉडल की तरह घुमा घुमा कर सवा मणि की रसीद काटने का जो लक्ष्य रहता है--- उसे गाय की भक्ति के नाम पर गोरख धंधा क्यों नहीं कहा जा सकता?
गाय को बचाना है या सेवा करनी है तो सीखिए जय नारायण जी अग्रवाल जी जैसे लोगो से--
सीखिए कोलकाता के युवा राजेश अग्रवाल,मनीष अग्रवाल और उनकी टीम के युवाओं से--
सेवा को बाजार मत बनाइये----गाय को व्यापार मत बनाइये।
सेवा के नाम पर धूल न झोंकिये और पाप का बोझा मत चढ़ाइये।
दिल्ली गांधी नगर के श्री जयनारायण अग्रवाल जी जैसी सेवा धर्मिता को सीखना आवश्यक है।
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