उपचुनावों के परिणामो ने उत्तर प्रदेश की हवा का असर साफ बोल रहा है--भाजपा ने आप पार्टी को जो झटका दिया है उस दर्द को भूलना आम आदमी के नाम से राजनीति करने वाली आम आदमी पार्टी के मुखिया व् उनकी पार्टी के शीर्ष नेताओं के लिए जबर्दस्त तमाचा है और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओ के मनोबल को तोड़ने वाला है।
सिर्फ और सिर्फ विरोध की राजनीति को जनता स्वीकार नहीं कर सकती--यह राजोरी गार्डन की जनता ने अपने मिज़ाज से बता दिया है।
आम आदमी के नाम पर सियासत करके सुखों को उपभोग करने वालो को जनता ने अपनी सज़ा सुना दी है।
पिछले विधानसभा चुनावों में 70 में से 67 पर विजय श्री की मूहर लगाने वाली आम आदमी पार्टी की इस उपचुनाव में बुरी तरह से हार हुई है और इसका प्रभाव के एम सी डी चुनाव पर पड़ता दिख रहा है।
उत्तर प्रदेश की हवा का असर बंगाल में भी इतना दिखेगा यह संभवतया परिकल्पित नहीं था पर बंगाल में पूर्व मिदनापुर की कांथी विधानसभा में भाजपा प्रार्थी को विधानसभा 2016 के चुनाव परिणाम से तीन गुने से अधिम मत मिले है अर्थात 15000 की वो मत संपत्ति अब 52000 से अधिक हो गई है और भाजपा दूसरे पायदान पर आ गई है।
वाम मोर्चा का ग्राफ लगातार गिर रहा है और कांग्रेस की तो प्रतिष्ठा का ग्राफ गिरा है और जमानत तक नहीं बची।
बंगाल में अब भाजपा का उदय तेज गति से हो रहा है और यह तृणमूल के लिए आने वाले दिनों में खतरे की घंटी बन रही है।
यद्धपि तृणमूल अपनी जीत का जश्न मना रही है और नम्बर 2 व् 3 पर कौन है इसको मूल्य नहीं दे रही है पर मन में अब भाजपा की बढ़ती ताकत व् तेज गति से बदलते परिणामों की गणना अवश्य ही कर रही होगी।
इन उपचुनावों के परिणामों में योगी सरकार के त्वरित व् तेज गति से लिए जा रहे निर्णयों का असर व् प्रभाव भी पड़ा है।
अब मोदी के तुरूप के पत्ते के साथ एक और इक्का योगी के रूप में जुड़ जाने से भाजपा के तरकश में जैसे वरदानी अस्त्र आ गया है और भाजपा के कार्यकर्ताओं के मनोबल को बुस्ट कर रहा है।
मन का उत्साह,किसी भी जंग के परिणाम बदल सकता है और यह खास टॉनिक भाजपा के पास अब उपलब्ध है।
सबसे बड़ी चिंता में केजरीवाल और भविष्य के संदर्भ में बंगाल की अग्नि कन्या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सोचना पड़ेगा क्योंकि भाजपा के पास बंगाल में खोने के लिए कुछ भी नहीं है और पाने के लिए बहुत कुछ है।
जिसको कुछ खोने का डर न हो वो खुल कर आक्रामक होकर स्ट्रोक लगा सकता है और विरोधी को जबरदस्त दबाब में खेलने के लिए मजबूर कर सकता है।
बंगाल में ममता सरकार पर तुष्टिकरण की सियासत का असर आम जनता की भावनाओं में भी दिख रहा है और यह आने वाले दिनों में भाजपा के समर्थन की जोड़ बन सकता है।
सिर्फ और सिर्फ विरोध की राजनीति को जनता स्वीकार नहीं कर सकती--यह राजोरी गार्डन की जनता ने अपने मिज़ाज से बता दिया है।
आम आदमी के नाम पर सियासत करके सुखों को उपभोग करने वालो को जनता ने अपनी सज़ा सुना दी है।
पिछले विधानसभा चुनावों में 70 में से 67 पर विजय श्री की मूहर लगाने वाली आम आदमी पार्टी की इस उपचुनाव में बुरी तरह से हार हुई है और इसका प्रभाव के एम सी डी चुनाव पर पड़ता दिख रहा है।
उत्तर प्रदेश की हवा का असर बंगाल में भी इतना दिखेगा यह संभवतया परिकल्पित नहीं था पर बंगाल में पूर्व मिदनापुर की कांथी विधानसभा में भाजपा प्रार्थी को विधानसभा 2016 के चुनाव परिणाम से तीन गुने से अधिम मत मिले है अर्थात 15000 की वो मत संपत्ति अब 52000 से अधिक हो गई है और भाजपा दूसरे पायदान पर आ गई है।
वाम मोर्चा का ग्राफ लगातार गिर रहा है और कांग्रेस की तो प्रतिष्ठा का ग्राफ गिरा है और जमानत तक नहीं बची।
बंगाल में अब भाजपा का उदय तेज गति से हो रहा है और यह तृणमूल के लिए आने वाले दिनों में खतरे की घंटी बन रही है।
यद्धपि तृणमूल अपनी जीत का जश्न मना रही है और नम्बर 2 व् 3 पर कौन है इसको मूल्य नहीं दे रही है पर मन में अब भाजपा की बढ़ती ताकत व् तेज गति से बदलते परिणामों की गणना अवश्य ही कर रही होगी।
इन उपचुनावों के परिणामों में योगी सरकार के त्वरित व् तेज गति से लिए जा रहे निर्णयों का असर व् प्रभाव भी पड़ा है।
अब मोदी के तुरूप के पत्ते के साथ एक और इक्का योगी के रूप में जुड़ जाने से भाजपा के तरकश में जैसे वरदानी अस्त्र आ गया है और भाजपा के कार्यकर्ताओं के मनोबल को बुस्ट कर रहा है।
मन का उत्साह,किसी भी जंग के परिणाम बदल सकता है और यह खास टॉनिक भाजपा के पास अब उपलब्ध है।
सबसे बड़ी चिंता में केजरीवाल और भविष्य के संदर्भ में बंगाल की अग्नि कन्या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सोचना पड़ेगा क्योंकि भाजपा के पास बंगाल में खोने के लिए कुछ भी नहीं है और पाने के लिए बहुत कुछ है।
जिसको कुछ खोने का डर न हो वो खुल कर आक्रामक होकर स्ट्रोक लगा सकता है और विरोधी को जबरदस्त दबाब में खेलने के लिए मजबूर कर सकता है।
बंगाल में ममता सरकार पर तुष्टिकरण की सियासत का असर आम जनता की भावनाओं में भी दिख रहा है और यह आने वाले दिनों में भाजपा के समर्थन की जोड़ बन सकता है।
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