चिकित्सा क्षेत्र में भारत का एक कोहिनूर

डॉक्टर अगर समझा जाये तो रोगी के लिए भगवान के एक फरिश्ते जैसा ही होता है क्योंकि वो रोगी के मर्ज,उसके दर्द के निवारण का एक माध्यम होता है।
लेकिन जब कोई खतरनाक मर्ज हो जाये और जिंदगी ही दांव पर लगती दिखे तब डॉक्टर उस भगवान जैसा भी लगता है जो मौत के मुख से किसी के जीवन को खींच कर ला देता है।

इन दिनों डॉक्टर का पेशा व् चिकित्सा की प्रक्रियाओं पर बहुत सवाल उठ रहे है क्योंकि अक्सर ऐसे उदाहरण मिलते है जो यह बताते है कि जिसे मानवीयता शर्मसार हो जाये।

पर चिकित्सा के इस क्षेत्र में अच्छे लोगो की भी कमी नहीं  है--आज हम आपको एक ऐसे व्यक्तित्व से मिलाते है जो ट्यूमर जैसे खतरनाक मर्ज को बाय बाय कर देने वाला खतरों का खिलाडी जैसा है।

नाक, कान, गला, व् ब्रेन ट्यूमर जहां जिंदगी की उम्मीद टूट जाती है वहां तमिलनाडु TIRCHI के  DR T.N JANKI RAM उन उम्मीदों को फिर हरा भरा कर देते है।
SKULL BASE SURGERY  की इस तकनिक से नाक के माध्यम से  ब्रेन ट्यूमर की  शल्य चिकित्सा के क्ष्रेत्र में महारत हासिल रखने वाले DR T.N JANKI RAM विश्व के उन चुनिंदा  डॉक्टर्स  की कतार में भारत की शान रखते है और तभी ये अपने क्षेत्र में भारत के कोहिनूर से लगते है।

तिरची के ROYAL PEARL HOSPITAL  का नाम न सिर्फ भारत बल्कि विदेशों में DR T.N JANKI RAM के सिद्ध हस्त व् व्यवहार कुशल  डॉक्टर के लिए जाना जाता है ।इनकी टीम में युवा व् अनुभवी डॉक्टर्स की  कतार है--युवा डॉक्टर्स के लिए DR JANKI RAM एक संस्थान जैसे है--इनके लिए आदर्श है।

ROYAL PEARL HOSPITAL  ट्यूमर के मर्ज विशेषकर नाक, कान,गले व् मष्तिस्क के लिए भी
एक सफल हॉस्पिटल के रूप में जाना जा रहा है क्योंकि सफलता के आंकड़े चमत्कारिक है।

क्योकि जब सब जगह से उम्मीद खत्म हो जाती है तब एक उम्मीद  फिर भी बचती है और वो  डॉ टी ऍन जानकी राम  और TIRCHI के ROYAL PEARL HOSPITAL  पर खत्म होती है।

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