कल जब उत्तरप्रदेश में योगी जी के शपथ ग्रहण का भव्य समारोह चल रहा था उस वक्त कुछ ऐसी तस्वीरें भी दिखी जो कही न कही आगे की संभावनाओं पर विचार कर रही थी।
मोदी के कान तक जाकर मुलायम कुछ बुदबुदा रहे थे अर्थात बात कुछ ऐसी थी जो सबके बीच नहीं हो सकती थी---क्या कह सकते है मुलायम?
जब सायकिल पंक्चर, बेटा अलग, पार्टी बिखरी हुई, अर्थात जीवन भर की राजनीति की पूंजी जैसे सट्टे बाजार ने खा ली हो- ----और खतरे में हो बुढ़ापा---
क्या कहा होगा मुलायम ने---बहुत कुछ कहना उस भीड़ में सम्भव नहीं होगा तब अलग से मिलने का समय मांगा होगा और एक संकेत दिया होगा कि अब हमारा भी ख्याल रखिये।
क्या मन में हो सकता है नेताजी के---अब जीवन के आखिरी मोड़ पर क्या पार्टी,और परिवार के बीच जंग में यह बुढ़ापा पिसवाएं या मोदी जी को कह कर कही के महामहिम बन कर इस नकारा माहौल से बहुत दूर चले जाये।
आखिर मन का यह दर्द तो उनके दिल को बेचैन कर ही रहा होगा इसलिए अपनों से यह जंग न करके उनको भगवान् भरोसे छोड़ दे और खुद मोदी भरोसे चले जाये।
मुलायम सिंह जी मोदी जी को शायद अब यह ही कहना चाहेंगे कि थोड़ी सी लिफ्ट करवा दे।
मोदी के कान तक जाकर मुलायम कुछ बुदबुदा रहे थे अर्थात बात कुछ ऐसी थी जो सबके बीच नहीं हो सकती थी---क्या कह सकते है मुलायम?
जब सायकिल पंक्चर, बेटा अलग, पार्टी बिखरी हुई, अर्थात जीवन भर की राजनीति की पूंजी जैसे सट्टे बाजार ने खा ली हो- ----और खतरे में हो बुढ़ापा---
क्या कहा होगा मुलायम ने---बहुत कुछ कहना उस भीड़ में सम्भव नहीं होगा तब अलग से मिलने का समय मांगा होगा और एक संकेत दिया होगा कि अब हमारा भी ख्याल रखिये।
क्या मन में हो सकता है नेताजी के---अब जीवन के आखिरी मोड़ पर क्या पार्टी,और परिवार के बीच जंग में यह बुढ़ापा पिसवाएं या मोदी जी को कह कर कही के महामहिम बन कर इस नकारा माहौल से बहुत दूर चले जाये।
आखिर मन का यह दर्द तो उनके दिल को बेचैन कर ही रहा होगा इसलिए अपनों से यह जंग न करके उनको भगवान् भरोसे छोड़ दे और खुद मोदी भरोसे चले जाये।
मुलायम सिंह जी मोदी जी को शायद अब यह ही कहना चाहेंगे कि थोड़ी सी लिफ्ट करवा दे।
टिप्पणियाँ
कुछ तो बात होगी ही------