हिंदी के साथ भेदभाव क्यों?

सेवार्थ

ममता बैनर्जी
मुख्यमंत्री-बंगाल
  मुख्यमंत्री सचिवालय
     नवान्न(हावड़ा)

विषय-- हावड़ा से प्रकाशित हिंदी पत्र को विज्ञापन नहीं--

मुख्यमंत्री जी

करीब 10 वर्ष से फर्स्ट न्यूज़ का प्रकाशन हावड़ा से नियमित हो रहा है--एक लघु पत्र जो कि जिला,पंचायत से  लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ की भूमिका निभाते है उनके प्रति सरकार की एक जिम्मेदारी बनती है कि लघु पत्र को प्रोत्साहन दे।
हावड़ा  सूचना -संस्कृति मंत्रालय से बंगला पत्र को नियमित विज्ञापन मिलते है पर फर्स्ट न्यूज़ के हिस्से में वे विज्ञापन बस नाम मात्र के रूप में आते है।
इस आशय का पत्र मैंने पहले भी आपको प्रेषित करके अपने मन की पीड़ा बताई थी।

ममता जी

यह पीड़ा आर्थिक कम पर मन के सम्मान की अधिक है। राजस्थान की धरती से बंगाल की जमीन को कर्म भूमि बनाने व् यहां पर पत्रकारिता करने का गर्व है पर उसके बदले में अगर भाषा के आधार पर भेदभाव हो और आपकी सरकार ऐसा करे तब मन की पीड़ा और बढ़ जाती है।
सवाल विज्ञापन का नहीं,सवाल मेरे सम्मान का है-अगर हिंदी भाषा में पत्रकारिता के लिए अनदेखा किया जा रहा है तब फिर बंगाल की भूमि को न चाहते हुए भी विदा कहना पड़ेगा।
आप सिर्फ बंगाल की  मुख्यमंत्री नहीं बल्कि हिंदुस्तान की राष्ट्रीय राजनीति की राष्ट्रीय नेत्री  भी है और उसके बाद भी अगर हिंदी के साथ भेदभाव है तब इसका अर्थ यही है कि अब मुझे यहां नहीं रहना चाहिए।
मन की गहरी पीड़ा के साथ अब यह मुझे कहना पड़ा है।
अब फैसला आपका है क्योंकि आप सरकार है-

शुभकामनाओ के साथ-

संजय सनम

संपादक फर्स्ट न्यूज़

संर्पक सूत्र-72780-27381

E.mail--firstnews2013@ gmail.com

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