आंध्र प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध मंदिर तिरुपति बालाजी को देश का सर्वाधिक धन कमाने वाला मंदिर कहा जाता है क्योंकि इस मंदिर की वार्षिक आय करीब 640 करोड़ से भी अधिक बताई जाती है--यह मंदिर धन कमाने की चर्चा में तो पहले भी रहा है पर इस बार की चर्चा प्रसाद के उन मीठे लड्ड़ू को कम कीमत पर भक्तों को देने से करीब 140 करोड़ के नुकसान की अपुष्ट खबरे सुनने में आई है।
गौर तलब है कि मंदिर के प्रसाद में बनने वाले लड्डू की कीमत करीब 32 रूपये के आसपास आती है जबकि इसको आम भक्तो को 25 रूपये में प्रसाद के लिए दिया जाता है और उसमें भी जो भक्त दर्शन के लिए कई घण्टे लाइन में खड़े रहते है उनको एक लड्डू मात्र 10 रूपये में दिया जाता है और जो भक्त पैदल चल कर दर्शन के लिए आते है उनको लड्डू मुप्त में भी दिया जाता है -इस प्रकार प्रसाद के इन लड्डू से मंदिर को नुकसान होता है पर सुखद तथ्य यह है कि आमदनी को देखते हुए मंदिर प्रशासन यह नुकसान भुगतने के लिए भी तैयार दिखता है अर्थात भक्तों को प्रसाद स्वरूप मिलने वाले लड्डू की कीमत बढ़ाने की मानसिकता नहीं रखता।
गौर तलब है कि मंदिर के प्रसाद में बनने वाले लड्डू की कीमत करीब 32 रूपये के आसपास आती है जबकि इसको आम भक्तो को 25 रूपये में प्रसाद के लिए दिया जाता है और उसमें भी जो भक्त दर्शन के लिए कई घण्टे लाइन में खड़े रहते है उनको एक लड्डू मात्र 10 रूपये में दिया जाता है और जो भक्त पैदल चल कर दर्शन के लिए आते है उनको लड्डू मुप्त में भी दिया जाता है -इस प्रकार प्रसाद के इन लड्डू से मंदिर को नुकसान होता है पर सुखद तथ्य यह है कि आमदनी को देखते हुए मंदिर प्रशासन यह नुकसान भुगतने के लिए भी तैयार दिखता है अर्थात भक्तों को प्रसाद स्वरूप मिलने वाले लड्डू की कीमत बढ़ाने की मानसिकता नहीं रखता।
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