आज के व्हाट्स एप पर लिखे सन्देश को पढ़कर रात्रि 9 बजे के आसपास दो फ़ोन आये जिसमे महिला ,पुरुष की आवाज लगी और जिसमे आचार्य श्री महाश्रमण जी के नाम से कोई भी सवाल उठाने की कोशिश करने पर काट कर फेंक देने,और ऊपर पहुंचा देने की धमकी एक तेरापंथी परिवार से मिली।
पहले मैंने उनकी बात को सुना और बाद में धमकी का जबाब दिया और अपना परिचय भी दिया। तब महिला ने सॉरी अर्थात खेद प्रकट किया।
लाइन कट जाने के बाद पुनः फिर फोन आया --अबकी बार एक खुद को 15 वर्ष का कहने वाला एक किशोर बोल रहा था और उसने कहा कि ये शब्द मैंने कहे थे--मै आपसे माफी मांगता हूँ।
जब उस वक्त उनकी धमकी और मेरा जबाब चल रहा था तब मैंने उनको श्रापित कर दिया था कि में कलम का सिपाही हूँ और कलम से आप लोगो को श्रापित करता हूँ।
उस किशोर ने श्राप वापिस लेने का अनुरोध किया तब मैंने कहा कि आप पहले माफ़ी मांगिये उसके बाद सोचा जायेगा नहीं तो उपरोक्त दो नम्बर से पुलिस में शिकायत की जायेगी।
उस किशोर ने कहा कि आप फिर इसको भी न्यूज़ में तो नहीं देंगे।
मैंने कहा कि आपका नाम और नम्बर नहीं जायेगा पर घटना तो मै आम लोगो तक जरूर पहुँचाउगा।
उसने माफी व्हाट्स एप से मांगी है पर में उससे संतुष्ठ नहीं हूँ उसको मैंने विस्तार से लिखने को कहा है।
शायद उसका पत्र आ जाये अगर नहीं आया तो उचित कार्रवाई की जायेगी।
पर अभी मै अपने वादे के खिलाफ नहीं जा रहा हूँ।
सवाल यह है कि क्या आचार्य श्री महाश्रमण जी व् धर्म संघ से जुडी कोई बात शालीनता से कहने के लिए मौत की धमकी दी जायेगी?
मेँ कलम का सिपाही हूँ --सच कहता रहा हूँ -कहता रहूँगा।
हम वैचारिक समर्थन व् विरोध शालीनता से कर सकते है पर क्या ऐसे जघन्य कार्य भी अगर सोच सकते है तब क्या जैन तेरापंथी कहलाने के अधिकारी है।
रही मुझ पर वार करने की बात--उसका परिणाम तो माँ भगवती उन्हें दे देगी।
इस विषय पर बहुत कुछ लिखूंगा --पर आज आपको जानकारी देनी जरुरी थी।
संजय सनम
संपादक फर्स्ट न्यूज़
7278027381
पहले मैंने उनकी बात को सुना और बाद में धमकी का जबाब दिया और अपना परिचय भी दिया। तब महिला ने सॉरी अर्थात खेद प्रकट किया।
लाइन कट जाने के बाद पुनः फिर फोन आया --अबकी बार एक खुद को 15 वर्ष का कहने वाला एक किशोर बोल रहा था और उसने कहा कि ये शब्द मैंने कहे थे--मै आपसे माफी मांगता हूँ।
जब उस वक्त उनकी धमकी और मेरा जबाब चल रहा था तब मैंने उनको श्रापित कर दिया था कि में कलम का सिपाही हूँ और कलम से आप लोगो को श्रापित करता हूँ।
उस किशोर ने श्राप वापिस लेने का अनुरोध किया तब मैंने कहा कि आप पहले माफ़ी मांगिये उसके बाद सोचा जायेगा नहीं तो उपरोक्त दो नम्बर से पुलिस में शिकायत की जायेगी।
उस किशोर ने कहा कि आप फिर इसको भी न्यूज़ में तो नहीं देंगे।
मैंने कहा कि आपका नाम और नम्बर नहीं जायेगा पर घटना तो मै आम लोगो तक जरूर पहुँचाउगा।
उसने माफी व्हाट्स एप से मांगी है पर में उससे संतुष्ठ नहीं हूँ उसको मैंने विस्तार से लिखने को कहा है।
शायद उसका पत्र आ जाये अगर नहीं आया तो उचित कार्रवाई की जायेगी।
पर अभी मै अपने वादे के खिलाफ नहीं जा रहा हूँ।
सवाल यह है कि क्या आचार्य श्री महाश्रमण जी व् धर्म संघ से जुडी कोई बात शालीनता से कहने के लिए मौत की धमकी दी जायेगी?
मेँ कलम का सिपाही हूँ --सच कहता रहा हूँ -कहता रहूँगा।
हम वैचारिक समर्थन व् विरोध शालीनता से कर सकते है पर क्या ऐसे जघन्य कार्य भी अगर सोच सकते है तब क्या जैन तेरापंथी कहलाने के अधिकारी है।
रही मुझ पर वार करने की बात--उसका परिणाम तो माँ भगवती उन्हें दे देगी।
इस विषय पर बहुत कुछ लिखूंगा --पर आज आपको जानकारी देनी जरुरी थी।
संजय सनम
संपादक फर्स्ट न्यूज़
7278027381
टिप्पणियाँ